० प्रमाणिक बीजों के उपयोग से बढ़ रहा धान का उत्पादन
० खरीफ वर्ष 25-26 के लिए रूचि की अभिव्यक्ति के तहत बीज निगम ने मंगाया टैंडर
रायपुर, 27 दिसंबर (आरएनएस)। राज्य सरकार के छग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा बीज प्रमाणीकरण संस्था के माध्यम से धान बीज के उपार्जन हेतु खरीफ सौ करोड़ की लागत से बीज की खरीदी की जाएगी। इसके लिए बीज निगम द्वारा रूचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से वित्तीय संस्थाओं से टैंडर आमंत्रित किया गया है।
राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक से मिली जानकारी के अनुसार आगामी खरीफ फसल वर्ष 25-26 के लिए प्रमाणिक बीज खरीदे जाएंगे। इनका उपयोग किसानों को स्वस्थ एवं प्रमाणिक बीज उपलब्ध कराना है। खरीफ बीज उपार्जन की आवश्यकता हेतु सौ करोड़ की साख सीमा का प्रस्ताव रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। जिसे राष्ट्रीयकृत बैंक शेड्यूल बैं क प्राइवेट सेक्टर बैंक अन्य कामर्शियल बैंक द्वारा रूचि की अभिव्यक्ति सील बंद लिफाफे में प्रबंध संचालक छग कृषि विकास निगम तेलीबांधा जीई रोड के नाम से 25 -12-25 से लेकर 14.1.2026 तक अपरान्ह तीन बजे कक्ष क्रमांक सात में आमंत्रित किये गये है। प्राप्त प्रस्ताव 14 जनवरी को सायंकाल चार बजे खोला जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार राज्य में धान की बोवाई का काम जुलाई अगस्त से शुरू हो जाता है। किसानों को यहां पर प्रमाणिक बीज उपलब्ध कराने का काम बीज विकास निगम द्वारा किया जाता है। प्रमाणिक बीजों का उपयोग करने से छग में धान का उत्पादन 1.50 लाख मीटरिक टन से भी ज्यादा हो गया है। राज्य में विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रमाणिक बीज का वितरण किया जाता है। केंद्रीय सहकारी समितियों के माध्यम से भी इसका वितरण होता है। राज्य में इस समय गैर फसलीय धान को महत्व दिया जा रहा है। लेकिन राजीव गांधी उन्नयन योजना के तहत धान का समर्थन मूल्य और बोनस दिये जाने के कारण यह रकबा घटना जा रहा है। बस्तर में पहले मक्का की खेती 19 हजार एकड़ होती थी जो कि अब घटकर 8 हजार एकड़ में सिमट गई है। छग में करीब 36 हजार हेक्टर में धान की फसल ली जाती है। राज्य में इस वर्ष धान का प्रमाणिक बीज के खरीदी का स्तर बढ़ाया जाएगा। करीब 7 से 8 हजार क्विंटल प्रमाणिक बीज बांटने का लक्ष्य रखा जाएगा।
शर्मा
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