0 चार आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश
बलरामपुर रामानुजगंज, 28 दिसंबर (आरएनएस)। बलरामपुर वन मंडल के अंतर्गत कुसमी वन विभाग को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 27 दिसंबर 2025 को वन विभाग एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने पेंगुलिन शल्क (कहट) की तस्करी में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
वन मंडलाधिकारी बलरामपुर के निर्देशन एवं अनुविभागीय वन अधिकारी कुसमी के मार्गदर्शन में जशपुर, बलरामपुर एवं कुसमी की संयुक्त टीम का गठन किया गया था।
मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर जशपुर रोड स्थित बाबा चौक के पास बताए गए हुलिए के अनुसार दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान प्रभु सोनवानी पिता स्व. रामखेलावन सोनवानी, उम्र 43 वर्ष, निवासी बनौरा थाना बलरामपुर तथा निखिल सरकार पिता बीटू भूषण, उम्र 60 वर्ष, निवासी संतोषी नगर जिला बलरामपुर के रूप में हु।
तलाशी के दौरान निखिल सरकार के बैग से दो पॉलीथिन में पेंगुलिन शल्क बरामद किया गया। जब उनसे वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। मौके पर वीडियो ग्राफी एवं जीपीएस रीडिंग कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने इस अवैध कारोबार में शामिल दो अन्य व्यक्तियों—विजय पिता बासुदेव (उम्र 40 वर्ष) एवं बसंत पिता जमुना (उम्र 32 वर्ष)—के नाम उजागर किए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने बताया कि यह शल्क झारखंड के भंडरिया जंगल से प्राप्त किया गया था और इसे एक लाख रुपये में बेचने की योजना थी।
चारों आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 44, 49, 49(बी) एवं 51 के तहत प्रकरण दर्ज कर पहले राजपुर एवं तत्पश्चात रामानुजगंज न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस कार्रवाई में डब्ल्यूसीसीबी पीटी भार सहयोगकर्ता सहित कुसमी वन विभाग के एसडीओ रविशंकर श्रीवास्तव, वन परिक्षेत्राधिकारी कालीराम, सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी जाफर हुसैन, वन दरोगा नंदलाल कुजूर तथा वन रक्षक विश्वनाथ भगत, प्रवीण कुमार निकुंज, वंदेश्वर राम सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से कुसमी क्षेत्र में वन्यजीव तस्करों में हड़कंप है और अवैध शिकार व तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
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