नई दिल्ली,11 मई (आरएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को एयरलाइन निवेशकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि भारत का आगामी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, कई व्यस्त शॉट डिस्टेंस मार्गों पर पूरी तरह हावी हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से एयरलाइनों के लिए प्रतिस्पर्धा करने की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी.
सीआईआई बिजनेस समिट में बोलते हुए रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे मार्गों पर विमानन क्षेत्र की वृद्धि पर दांव लगाने वाले निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि हाई-स्पीड रेल ने जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में यात्रा के तरीकों को किस प्रकार बदल दिया है. वैष्णव ने कहा, इन मार्गों पर कोई भी हवाई यात्रा नहीं करेगा.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित अपने बजट का 98 प्रतिशत फरवरी के अंत तक खर्च कर दिया था. यह परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन को दर्शाता है. मंत्री ने साथ ही कहा कि ट्रेन सेवाएं आने वाले समय में देश के कई मार्गों पर उड़ानों से आगे निकल जाएंगी.
रेल मंत्री ने कहा, पिछले वित्त वर्ष में लगभग पूरा पूंजीगत व्यय मार्च के पहले सप्ताह तक खर्च हो गया था. फरवरी के अंतिम सप्ताह तक करीब 98 प्रतिशत से अधिक खर्च कर लिया गया था. इसके बाद हमें व्यय की गति को कुछ हद तक रोकना पड़ा ताकि वित्त वर्ष का अंत संतुलित रूप से किया जा सके.
उन्होंने बताया कि देश में अब तक 49,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो जर्मनी के पूरे रेल नेटवर्क से भी अधिक है. वहीं, 36,000 किलोमीटर नई पटरियां जोड़ी गई हैं, जो स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क से लगभग छह गुना हैं.
मंत्री ने कहा कि इन नए मार्गों पर यात्रा समय में काफी कमी आएगी, जिससे लोग हवाई यात्रा के बजाय ट्रेन को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने बताया कि सरकार मुंबई से पुणे के बीच नया गलियारा विकसित कर रही है जहां यात्रा समय घटकर केवल 28 मिनट रह जाएगा. पुणे से हैदराबाद का समय एक घंटा 55 मिनट और हैदराबाद से बेंगलुरु का समय लगभग दो घंटे होगा.
वैष्णव ने कहा, ऐसे मार्गों पर कोई भी उड़ान सेवा का तवज्जो नहीं देगा. ये क्षेत्र विमानन कंपनियों के लिए लगभग समाप्त हो जाएंगे. जो लोग विमानन कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उन्हें अभी से यह समझ लेना चाहिए कि इन मार्गों पर 99 प्रतिशत यातायात रेलवे से होगा.
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा समय घटकर 78 मिनट हो जाएगा, जिससे ये दोनों शहर लगभग एक संयुक्त महानगर की तरह हो जाएंगे. इसके अलावा, दिल्ली से वाराणसी की यात्रा तीन घंटे 50 मिनट में पूरी होगी जबकि दिल्ली से लखनऊ की यात्रा करीब दो घंटे में संभव हो जाएगी.
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