— संघर्ष हेतु आप सभी लखनऊ चलें:— डॉ. मणिशंकर तिवारी, प्रांतीय अध्यक्ष।
कुशीनगर, 14 मई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद जनपद कुशीनगर के तत्वावधान में हनुमान इंटरमीडिएट कॉलेज, पडरौना में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारियों के सम्मान तथा नवनियुक्त प्रधानाचार्य साथियों के अभिनंदन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक डॉ. टी.पी. सिंह ने की। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मणिशंकर तिवारी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के पूर्व महामंत्री डॉ. रविंद्र त्रिपाठी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
अपने उद्बोधन में शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आज प्रदेश का तदर्थ प्रधानाचार्य स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। लंबे समय से प्रधानाचार्य पद का दायित्व निभाने के बावजूद सरकार उनके स्थायीकरण को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि अनेक प्रधानाचार्य सेवानिवृत्ति के कगार पर पहुंच चुके हैं, फिर भी सरकार की हठधर्मिता के कारण उनका स्थायीकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आवश्यकता पडऩे पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मणिशंकर तिवारी ने समस्त प्रधानाचार्यों का आह्वान करते हुए कहा कि जून माह में सभी लोग लखनऊ पहुंचें, वहीं से संघर्ष का शंखनाद होगा और प्रधानाचार्यों के स्थायीकरण का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रांतीय संरक्षक डॉ. टी.पी. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने सदैव संघर्ष के बल पर उपलब्धियां प्राप्त की हैं और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार अंतत: प्रधानाचार्यों की पीड़ा को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भगवान हनुमान जी के चित्र पर पुष्पार्चन एवं माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र मोदी त्रिपाठी ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया तथा संघर्ष के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। स्वागताध्यक्ष प्रांतीय महामंत्री शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने कहा कि जब-जब आवश्यकता पड़ी है, संघर्ष से ही सृजन का मार्ग निकला है। उन्होंने जनपद के समस्त प्रधानाचार्यों से संगठन के निर्देशानुसार आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। पूर्व महामंत्री डॉ. रविंद्र त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद प्रधानाचार्यों को अंकेक्षक के रूप में लगाए जाने के विरुद्ध परिषद ने संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप शासन को निर्णय बदलना पड़ा। उन्होंने संगठन की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया। कार्यक्रम के अंत में जनपद संरक्षक डॉ. गोरख राय ने आभार व्यक्त किया। विद्यालय के प्रबंधक मनोज शर्मा सारस्वत ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि प्रबंधक वर्ग भी उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और संघर्ष की हर परिस्थिति में सहयोग करेगा। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार पांडेय को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं नवनियुक्त प्रधानाचार्यों में सुनील कुमार मिश्रा, अनिल सिंह, विष्णु प्रसाद शिवम एवं कुलदीपक सिंह सहित इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए लगभग 20 शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को जनपद कोषाध्यक्ष अशोक कुमार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की उपस्थिति अत्यंत सराहनीय एवं उत्साहवर्धक रही। कार्यक्रम में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ विजय राय , राजीव मल्ल सहित शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

