वडोदरा,17 मई (आरएनएस)। वडोदरा स्थित टाटा के एयरबस प्लांट में स्वदेशी निर्मित पहले एयरबस सी-295 विमान के तैयार होने के साथ भारत ने रक्षा विमानन निर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पहल के तहत इस विमान को पहली उड़ान परीक्षण के लिए तैयार किया जा रहा है। उप वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने हाल ही में प्लांट का दौरा कर सी-295 विमान की प्रगति की समीक्षा की।
सी-295 विमान भारतीय वायु सेना के पुराने एवरो-748 बेड़े की जगह लेगा और सामरिक हवाई परिवहन क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा। यह 70 सैनिकों, 48 पैराट्रूपर्स या चिकित्सा के लिए 24 स्ट्रेचर और सामान ले जा सकता है। 2 प्रैट एंड व्हिटनी पीडब्ल्यू127जी टर्बोप्रॉप इंजनों से लैस सी-295 दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों सहित छोटी और आधी तैयार हवाई पट्टियों से भी उड़ान भरने में सक्षम है। इसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत डायनेमिक्स द्वारा विकसित स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली होगी।
यह प्रोजेक्ट भारत और स्पेन के बीच 21,935 करोड़ रुपये के 56 एयरबस सी-295 विमानों के समझौते का हिस्सा है। इनमें से 16 विमान स्पेन से उड़ान भरने की स्थिति में भेजे जा रहे हैं, जबकि शेष 40 विमानों का उत्पादन भारत में किया जा रहा है। बता दें कि वडोदरा स्थित अंतिम असेंबली लाइन का उद्घाटन संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने 28 अक्टूबर, 2024 को किया था।
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