०समूहों को 17.50 लाख का ऋण वितरण और 5 लखपति दीदियों को मिला प्रशस्ति पत्र
सुकमा,24 मई (आरएनएस)। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में सुशासन तिहार के तहत प्रशासन लगातार गांव-गांव तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। शुक्रवार को कोंटा विकासखंड के एर्राबोर में आयोजित क्लस्टर स्तरीय सुशासन शिविर में 10 पंचायतों एर्राबोर, गगनपल्ली, मराईगुड़ा, आरगट्टा, मेड़वाही, टेटराई, नागुलगुंडा, मनीकोंटा, दरभागुड़ा और मुलाकिसोली के ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। शिविर में शासन की योजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह और विश्वास साफ नजर आया, वहीं प्रशासन ने पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ आमजन की समस्याओं का समाधान किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, सोयम भीमा एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा 5 समूहों को कुल 13.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया। इसके साथ ही सूरज समूह एर्राबोर को 4 लाख रुपये का ऋण स्वीकृति पत्र तथा पीएमईजीपी योजना के तहत 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण भी प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को ऋण और प्रमाण पत्र वितरित करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। शिविर के दौरान 5 लखपति दीदियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा मिली। प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुशासन शिविर ने यह साबित किया कि शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। सुशासन तिहार और बस्तर मुन्ने अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन जनसेवा, विकास और विश्वास की नई मिसाल कायम कर रहा है।
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