राजनांदगांव 24 मई (आरएनएस) घर का ताला टूटा, आलमारी का लॉकर बिखरा और 60 हजार रुपये नकदी गायब—यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि डोंगरगढ़ में सामने आया वह हकीकत है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी, लेकिन पुलिस ने भी ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों में इस चोरी की गुत्थी सुलझाकर दो युवकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। घटना थाना डोंगरगढ़ क्षेत्र की है, जहां प्रार्थिया कुंती बाई, उम्र 65 वर्ष, निवासी भगत सिंह चौक वार्ड क्रमांक 19 ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 22 मई 2026 को अपने परिवार सहित घर में ताला लगाकर बाहर गई थीं और 23 मई की सुबह लगभग 07 बजे वापस लौटने पर देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और अंदर आलमारी का लॉकर भी क्षतिग्रस्त है, जिसमें रखे 60,000 रुपये नकद अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 294/2026 धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ के निर्देश पर प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और संदेह के आधार पर तेजी से जांच करते हुए दो आरोपियों जेद अहमद (19 वर्ष) निवासी भगत सिंह चौक वार्ड क्रमांक 18 और पिंकू फरकुंडे (19 वर्ष) निवासी राम नगर जेल रोड डोंगरगढ़ को हिरासत में लिया, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की पूरी रकम 60,000 रुपये बरामद कर ली गई और दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में प्र.आर. रूपेश देवांगन, आरक्षक किशन चंद्रा, अशोक यादव एवं लीलाधर मंडलोई की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता से मामला तेजी से सुलझा। अंततः पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के हाथ उससे तेज होते हैं—बहरहाल, यह घटना इलाके के लिए साफ संदेश छोड़ गई है कि लापरवाही का फायदा उठाने वाले ज्यादा देर तक बच नहीं सकते।
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