कांकेर 24 मई (आरएनएस) जंगलों की गहराई में छिपे मौत के जखीरे पर जब संयुक्त सुरक्षा बलों ने कदम रखा तो पूरा इलाका एक बार फिर नक्सलियों की खतरनाक साजिशों के खुलासे से कांप उठा, लेकिन सुरक्षा बलों की सटीक और लगातार कार्रवाई ने नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर के तहत संचालित संयुक्त अभियान से जुड़ा है, जहां 22 और 23 मई 2026 को कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीमों ने दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज के निर्देशन और बीएसएफ व जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के पल्लाहूर-जपमरका जंगल में नक्सल डम्प से कंट्रीमेड BGL लॉन्चर, 25 BGL सेल, 5 किलो गन पाउडर, 10 सुतली बम, AK-47 और SLR के खाली कार्टिज, नक्सली वर्दी, सोलर चार्जर, वायर और मेडिकल किट सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई, वहीं दूसरी कार्रवाई थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के मरकाबेड़ा, आदनार और एलूर जंगल में हुई, जहां 12 बोर रायफल, एक BGL लॉन्चर, 6 BGL सेल, भारी मात्रा में डेटोनेटर (800 इलेक्ट्रिक और 200 नॉन-इलेक्ट्रिक), बारूद और अन्य सामग्री मिली। इस पूरी कार्रवाई में डीआरजी और बीएसएफ के विशेष दलों ने गहन सर्चिंग और तकनीकी इनपुट के आधार पर सफलता हासिल की। बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लगातार हो रही इन संयुक्त कार्रवाइयों से नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ रहा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है। बहरहाल, यह अभियान साफ संकेत देता है कि जंगलों में छिपा हर नक्सली जखीरा अब सुरक्षा बलों की नजर से बचना नामुमकिन है।
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