सारंगढ़-बिलाईगढ़ 9 जून (आरएनएस) धान खरीदी में करोड़ों की पारदर्शिता का दावा करने वाली व्यवस्था में करीब 99 लाख रुपये की कथित गड़बड़ी का बड़ा खुलासा हुआ है। सरिया पुलिस ने फर्जी धान खरीदी कर समिति और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पहले इस मामले में समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब जांच की आंच अन्य कर्मचारियों तक पहुंच गई है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025-26 खरीफ धान खरीदी के दौरान सेवा सहकारी समिति मर्यादित साल्हेओना, पंजीयन क्रमांक-245 में फर्जी ऑनलाइन एंट्री कर किसानों के नाम पर बिना धान फड़ में पहुंचे ही खरीदी दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि 3140.80 क्विंटल धान जिसकी कीमत 97,36,480 रुपये तथा 2045 नए जूट बारदाने जिनकी कीमत 1,75,931.35 रुपये है, इस तरह कुल 99,12,411.35 रुपये की आर्थिक क्षति समिति एवं शासन को पहुंचाई गई।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में कन्हैया लाल पटेल (53), निवासी कटंगपाली ‘अ’, समिति लिपिक, अर्जुन लाल पटेल (36), निवासी कंडोला, समिति भृत्य, मुकेश पटेल उर्फ प्रेमसागर पटेल (37), निवासी साल्हेओना, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी तथा शौकी लाल सिदार (58), निवासी साल्हेओना, रात्रि चौकीदार शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बिना नियुक्ति आदेश के लोगों से धान खरीदी का कार्य कराए जाने तथा फर्जी तरीके से ऑनलाइन खरीदी दर्ज किए जाने की जानकारी दी। इसके आधार पर प्रकरण में धारा 316(5), 3(5) एवं 61(2)(क) बीएनएस जोड़ी गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को 9 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया के नेतृत्व में पीएसआई गजेन्द्र चन्द्राकर सहित थाना सरिया की टीम ने की। बहरहाल, धान खरीदी में फर्जीवाड़े पर पुलिस की लगातार कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकारी व्यवस्था को चूना लगाने वालों की अब एक-एक परत खुल रही है और कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।


