जौनपुर 13 नवंबर (आरएनएस )। अपर सत्र न्यायाधीश रूपाली सक्सेना की अदालत ने मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र की कक्षा दस की 16 वर्षीय छात्रा को भगाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी बृजेश को 10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के अनुसार, पीडि़ता के पिता ने सितंबर 2017 में मुंगराबादशाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया था कि उनकी बेटी एक स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ती थी। 13 सितंबर 2017 को पढऩे गई थी। शाम तक वापस नहीं आई। इसी बीच बृजेश की पत्नी सामने आई और उसने पुलिस को बताया कि उसका पति नाबालिग को बहला फुसलाकर कहीं भाग ले गया। कुछ दिन बाद पीडि़ता के मिलने पर पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया। पीडि़ता ने अदालत के समक्ष दुष्कर्म का बयान दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की विवेचना की और आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने मामले की सुनवाई की और साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई।
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