(सोनभद्र)एनसीएल ने कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए लॉन्च किया वर्चुअल रियलिटी प्रशिक्षण मॉड्यूल
- 27-Oct-23 12:00 AM
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खादानों में संचालित शोवेल-डंपर से उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने हेतु भी हुआ मंथनसोनभद्र 27 अक्टूबर (आरएनएस)। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने अपने केंद्रीय उत्खनन प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) प्रशिक्षण मॉड्यूल लॉन्च करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। यह कोयला उद्योग में अपनी तरह की अनोखी पहल है। इस अवसर पर खादानों में संचालित शोवेल-डंपर से उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने हेतु भी एक सत्र का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक भोला सिंह, निदेशक (तकनीकी/संचालन) जितेंद्र मलिक, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) एस पी सिंह, आईआईटी (आईएसएम) से प्रोफेसर एस एस राय, विभिन्न परियोजनाओं के महाप्रबंधक, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष एवं अन्य उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएमडी श्री सिंह ने कहा कि एनसीएल में असीमित क्षमताएं हैं, जिसके बदौलत हमने कई मुकाम हासिल किए हैं। हमें निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा व बढ़ते हुए लक्ष्यों को हासिल करने हेतु अपनी उत्पादकता में वृद्धि करनी होगी।वर्चुअल रियलिटी (वीआर) प्रशिक्षण मॉड्यूल के परिपेक्ष में सीएमडी एनसीएल ने वीआर के उपयोग से अधिक से अधिक कर्मियों विशेषकर नव नियुक्त कर्मियों के प्रशिक्षण हेतु आह्वान किया। साथ ही कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से खदान में कार्यरत भारी व महंगी मशीनों का सुरक्षित व समुचित उपयोग सुनिश्चित होता है। एनसीएल में 100-टन डम्पर के 777-ई मॉडल के संबंध में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) आदि से संबन्धित प्रशिक्षण के लिए वर्चुअल रियलिटी (वीआर) मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा। वीआर के द्वारा प्रशिक्षण से न केवल एनसीएल की खदानों सुरक्षित बनेंगी बल्कि कर्मियों को वास्तविक खदान क्षेत्र में कार्य करने से पहले आवश्यक कौशल व जानकारी उपलब्ध होगी। जिससे मशीन के उत्पादक समय की बचत होगी और कम लागत व जोखिम के साथ कर्मी बेसिक व महत्वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।कार्यक्रम के दौरान शोवेल-डंपर कॉम्बिनेशन से उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने हेतु एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया जिसे आईआईटी(आईएसएम) के प्रोफेसर एस एस राय ने सम्बोधित किया। जिसमें उन्होने विभिन्न शोवेल-डंपर से खनन कि तकनीकों व डाटा एनालिसिस के बारे में बताया। उपस्थित गणमान्यों ने भी सत्र में फील्ड से जुड़े अपने अनुभव साझा किए एवं तकनीक पहलुओं पर विमर्श किया। एनसीएल की खदानों में 1100 से अधिक भारी मशीनें तैनात हैं, जिनके सुरक्षित संचालन के साथ उत्पादकता सुनिश्चित करने हेतु कंपनी लगातार नए प्रयास कर रही है।
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