० रसूखदार नेताओं एवं प्रख्यात फर्मों ने लिया यह ठेका
० आदिवासी क्षेत्रों में बांटा जाएगा पांच किलो से लेकर 5 किलो से लेकर 50 किलो तक का पैकेट
रायपुर, 15 नवंबर (आरएनएस)। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा आदिवासी क्षेेत्र (माडा) में आदिवासी बच्चों को देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को साकार किया जा रहा है। इसके लिए नागरिक आपूर्ति निगम ने देश के प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रमों एवं निजी फर्मों से निविदा मंगाई थी। अंतत: बोलीदारों से बातचीत कर 500 करोड़ में चना खरीदी का टेंडर एक निजी फर्म को दिया गया है।
नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य में आदिवासी क्षेत्र के अंतर्गत 55 हजार मीटरिक टन चना खरीदी करने का लक्ष्य रखा गया था इसके लिए विभिन्न सावर्जनिक शासकीय उपक्रमों से तथा प्रतिष्ठित निजी फर्मों एवं संस्थाओं से निविदा आमंत्रित की गई थी। इसका वास्तविक मूल्य 400 करोड़ रुपये रखा गया था। पूरे देश से प्रतिष्ठित फर्मों उपक्रमों एवं निजी व्यापारियों ने भाग लिया था। अंतत: निगम के अधिकारियों ने बोली लगाने वाले निविदाकारों से अलग अलग बातचीत की। इसके पश्चात सबसे अधिक बोली लगाने वाले को यह ठेका दिया गया है। यह एक निजी फर्म है।
नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष के अनुसार इस वर्ष चना की फसल अच्छी हुई है जिसके कारण यहां पर कोई ज्यादा रेट नहीं आया है। जिसके चलते निविदाकारों ने इसमें कोई रूचि नहीं ली है। जशपुर एवं रायपुर के निजी टेरिंग फर्मों ने भी आवेदन दिया था राजनीतिक रसूखदारों ने इस पर काफी रूचि दिखाई थी। यहां पर निविदा की शर्ते बार बार बदली जा रही थी जिसके चलते नागरिक आपूर्ति निगम ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें यदि कोई प्रतिभागी आवेदन करता है तो पहले नागरिक आपूर्ति निगम का पक्ष भी सुना जाएगा लेकिन यह टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा आयोडिन युक्त नमक की भी खरीदी की जाती है। यह नमक एक गुजरात की प्रतिष्ठित फर्म के द्वारा किया जाता है। जिसके चलते यहां पर कई ठेकेदार सक्रिय हो जाते है। ज्ञात रहे राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली खाद्य विभाग द्वारा संचालित की जाती है। जिसमें दुकानदारों को निश्चित कमीशन दिया जाता है जबकि चना नमक मिट्टी तेल शक्कर विक्रय करने के लिए कोई भी अतिरिक्त कमीशन नहीं दिया जाता।
शर्मा
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