जगदलपुर, 20 जनवरी (आरएनएस)। बस्तर जिले में एक बार फिर बाघ की सक्रियता ने ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बकावंड ब्लॉक के बाजावंड गांव के आसपास बाघ के ताजा पैरों के निशान मिलने से पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बाघ ने गांव के पास एक कुत्ते का शिकार भी किया है, जिससे लोगों में दहशत और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव के कोटवार द्वारा मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की अपील की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाघ आसपास ही सक्रिय हो सकता है और कभी भी रिहायशी इलाके के करीब पहुंच सकता है।
वन विभाग ने भी बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। सीसीएफ आलोक तिवारी ने बताया कि इसी क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यह वही बाघ है, जिसके पंजों के निशान पहली बार 3 जनवरी को तोकापाल ब्लॉक के खंडियापाल इलाके में मिले थे। उस दौरान भी बाघ द्वारा कई जानवरों के शिकार की जानकारी सामने आई थी।
वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी बढ़ा रही है और ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। बाघ की लगातार मौजूदगी से बस्तर के ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
0

