भोपाल 16 नवंबर (आरएनएस)।मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज मोहन सरकार के मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा महान समाज-सुधारक राजा राम मोहन राय को अंग्रेजों का दलाल बताने वाले आपत्तिजनक बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान का सार्वजनिक अपमान, आलोचना और अवमानना करने वाली भाजपा का दुस्साहस अब इस स्तर तक पहुँच चुका है कि वह आदर्श समाज-सुधारकों और अनुकरणीय व्यक्तित्वों का भी अपमान करने से नहीं चूक रही। जागरूक जन और जागरूक मन भाजपा की इस घृणा की राजनीति को बहुत गौर और गंभीरता से देख रहा है। राष्ट्र के प्रेरक व्यक्तित्व का अपमान करने की राजनीतिक कीमत भाजपा को हर हाल में चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि राजा राम मोहन राय आधुनिक भारत के उन महानतम समाज-सुधारकों में से एक थे, जिन्होंने नारी उत्थान, सती प्रथा उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ निरंतर संघर्ष किया। ऐसे युग-पुरुष को अंग्रेजों का दलाल कहना इतिहास के साथ घोर अन्याय है और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। नारी सम्मान और नारी सशक्तिकरण की बातें करने वाली भाजपा के मंत्री द्वारा नारी उत्थान के महानायक का इस प्रकार अपमान किया जाना भाजपा की वास्तविक सोच और मानसिकता को उजागर करता है।
पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार के मंत्री इंदर सिंह परमार का यह बयान भाजपा की उस प्रवृत्ति का प्रतीक है, जो लगातार संविधान निर्माताओं का अपमान करती रही है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करती रही है और असहमति की हर आवाज़ को देशद्रोह की भाषा में ठुकराने की परंपरा को बढ़ावा देती रही है। जो लोग आज राजा राम मोहन राय जैसे महापुरुष को अंग्रेजों का दलाल कह रहे हैं, वे न केवल इतिहास से अनभिज्ञ हैं, बल्कि भारतीय समाज के संघर्षों और पीड़ाओं के प्रति भी पूरी तरह असंवेदनशील हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को आज ही साफ करना होगा कि क्या वे अपने मंत्री के इस आपत्तिजनक बयान से सहमत हैं। यदि नहीं, तो उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करे और सार्वजनिक रूप से दूरी बनाते हुए मंत्री इंदर सिंह परमार से राजा राम मोहन राय और देशवासियों से बिना शर्त माफी दिलवानी चाहिए, अन्यथा यह माना जाएगा कि पूरी भाजपा सरकार इस मानसिकता के साथ खड़ी है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्र के महान समाज-सुधारकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं की गरिमा की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। भाजपा के नेताओं की यह भाषा और सोच न केवल लोकतंत्र और संविधान के लिए, बल्कि भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा के लिए भी खतरे की घंटी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नफरत की राजनीति, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अनादर और राष्ट्र के प्रेरक व्यक्तित्वों के अपमान को अब जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जागरूक भारत और जागरूक मध्य प्रदेश, भाजपा के हर अपमानजनक शब्द और हर घृणित बयान की लोकतांत्रिक कीमत उसे चुकवाकर ही दम लेगा।

