छतरपुर 23 नवंबर (आरएनएस)।सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में पांचवा ऊर्जा संचय समागम शिविर आयोजित हुआ। शिविर में देश-विदेश से आए साधकों ने हिस्सा लेकर ऊर्जा प्राप्त की। अंतिम दिवस प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव का हवन करने के साथ ही शिविर पूर्णता की ओर पहुंचा। बागेश्वर महाराज ने साधकों से कहा कि जब तक आप स्वयं को नहीं जानेंगे तब तक दूसरे को परखने की क्षमता नहीं आएगी।
रोज की तरह ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए ऊर्जा संचय समागम के अंतिम दिन भगवान सूर्य देव की आहुतियां दी गई। बागेश्वर महाराज ने कहा कि पहले अपने आपको जाने। इस शिविर के माध्यम से स्वयं को जानने और परखने का प्रयास है। उन्होंने एक उत्तर भारत के सिद्ध संत की बात से शुरू करते हुए आगे कहा कि जब संत जी से उनके बारे में जानकारी चाही गई तो उनका कहना था कि हमारी आत्मा ही हमारी जाति है और प्राण हमारा नाम है, अखिल ब्रह्मांड के हम हिस्सा है आसमान में निवास है। अर्थात अखंड को जानना है तो स्वयं के भीतर झांके। जीव इस ब्रह्मांड का एक हिस्सा है। ऊर्जा संचय समागम में शामिल हुए साधकों में शक्ति का एक प्रवाह देखने को मिला है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि शिविर में शामिल लोगों ने जिस शांति को प्राप्त करने की कोशिश की थी उस शांति को यहां महसूस करने का अवसर मिला।

