0-ग्रामीण बौद्ध धरोहर संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन: राष्ट्रीय अकादमी योजना पर चर्चा, धरोहर संरक्षण में भारत की बढ़ती भूमिका पर डाला गया प्रकाश
नई दिल्ली, 30 नवंबर (आरएनएस)। ग्रामीण बौद्ध धरोहर संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन, जिसे इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट द्वारा आयोजित किया जा रहा है, आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। सम्मेलन में ग्रामीण बौद्ध धरोहर संरक्षण, समुदाय सहभागिता और प्रस्तावित राष्ट्रीय ग्रामीण धरोहर संरक्षण एवं विकास प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना पर गहन चर्चा हुई। यह सम्मेलन संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, इंटरनेशनल बौद्ध कन्फेडरेशन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्कियोलॉजी, और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विश्वभर के विद्वान, विशेषज्ञ और नीति निर्माता भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन का मुख्य उद्देश्य बौद्ध वास्तुकला संस्कृति, जीवंत परंपराओं और मूर्त एवं अमूर्त धरोहर के परस्पर संबंध के ज्ञान को और गहरा करना रहा। इस दौरान भारत, नेपाल, रूस, थाईलैंड, श्रीलंका और अमेरिका के विद्वानों ने संरक्षण प्रथाओं, सहभागिता आधारित दृष्टिकोण, ऐतिहासिक पुनर्निर्माण, कौशल विकास, सतत तीर्थयात्रा और धरोहर ज्ञान प्रणाली पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए। दूसरे दिन की चर्चाओं ने ग्रामीण बौद्ध धरोहर संरक्षण और राष्ट्रीय अकादमी की स्थापना के भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान की। अंतिम दिन में सम्मेलन सिफारिशों को संकलित करने, व्यावहारिक रणनीतियों तय करने और भारत की बौद्ध धरोहर संरक्षण में वैश्विक नेतृत्व भूमिका को सशक्त बनाने पर केंद्रित रहेगा।
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