अल्मोड़ा,13 दिसंबर (आरएनएस)। सगंध पौधा केंद्र (कैप) के भैंसोड़ी सैटेलाइट सेंटर सहित प्रदेश के छह सैटेलाइट केंद्रों का मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल शिलान्यास किया गया। इसी अवसर पर उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026–36 का भी शुभारंभ किया गया। मुख्य कार्यक्रम सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई, देहरादून में आयोजित हुआ, जबकि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चंपावत सहित अन्य जिलों के काश्तकार वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि महक क्रांति नीति के तहत अगले दस वर्षों में 22 हजार 750 हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंध पौधों की खेती का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 11 हजार किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंध पौधों की खेती करने पर काश्तकारों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सगंध पौधा केंद्र भैंसोड़ी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में परंपरागत खेती पर अत्यधिक दबाव है। जंगली जानवरों की समस्या को देखते हुए सुगंध पौधों की खेती काश्तकारों के लिए सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बन सकती है। मुख्य कृषि अधिकारी आनंद गोस्वामी ने कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से उनका लाभ उठाने का आह्वान किया। लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि जोतें छोटी और बिखरी हुई हैं, ऐसे में सुगंध खेती को लाभकारी बनाने के लिए सामूहिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। विजय विमोला ने कैप सैटेलाइट केंद्र भैंसोड़ी की गतिविधियों की जानकारी देते हुए क्षेत्र में सुगंध खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन खंड विकास अधिकारी ताकुला केशर सिंह बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में जगदीश पंत, हेमा जोशी, दया जोशी, प्रदीप नगरकोटी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही बड़ी संख्या में काश्तकार उपस्थित रहे।
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