देहरादून 17 दिसंबर (आरएनएस)। राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस पर गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर संगठन के समारोह में पेंशनर्स ने जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करने में होने वाली दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स को सम्मानित किया गया। बुधवार को आरोहण सभागार में हुए समारोह में गुरुवार को मुख्य सचिव को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने का निर्णय भी लिया गया। मुख्य अतिथि मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी ने जीवन प्रमाण पत्र दाखिल करने में होने वाली दिक्कतों के समाधान और साइबर क्राइम से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कुछ समस्याओं के उल्लेख के साथ उनके समाधान के उपाय भी बताए। उत्तराखंड सेवानिवृत कार्मिक समन्वय समिति के अध्यक्ष एसएस वल्दिया ने पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए 18 दिसंबर को मुख्य सचिव को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने सभी पेंशनर्स संगठनों के प्रतिनिधियों से परेड के पास कनक चौक एकत्र होने की अपील की। समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स आरपी सिंह, बीपी प्याल, हरिश्चंद्र गुप्ता, चंद्र रमोला, दीपचंद शर्मा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कोषाधिकारी की सराहनीय सेवाओं के लिए दीपचंद शर्मा को सुशील त्यागी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। पेंशनर्स सुशील त्यागी ने सभी पेंशनर्स से अनुरोध किया की वे सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सेवाओं और जनहितों के लिए भी अपने को समर्पित करें। संचालन संगठन अध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह ने किया। इस मौके पर दिनेश जोशी, नवीन नैथानी, ठाकुर शेर सिंह, जयपाल सिंह, इन्सारुल हक, एसके अग्रवाल, दीपचंद शर्मा, आरपी सिंह, ओम खत्री, महेंद्र सिंह तोमर, आनंद ध्यानी, दिनेश सुंदरियाल, भगवान सिंह रावत, हरिश्चंद्र कोठियाल, डॉ. हरिश्चंद्र गुप्ता, प्रमोद सैनी, पीके शुक्ला, आरसी गर्ग, राजकुमार अग्रवाल, एसके नेगी, एसएन नौटियाल, अनिल पैन्यूली, आरसी उनियाल, पीडी तैलंग, आरपी पंत, बृजराज सिंह, आरके कंबोज, आरएस राणा, एनएस चौहान आदि मौजूद रहे। — हर 5 साल बाद 5त्न पेंशन में वृद्धि हो: त्यागी उत्तराखंड सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के अध्यक्ष पूर्व अपर सचिव कार्मिक एसएस बल्दिया के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेजा गया। गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर संगठन देहरादून के कॉर्डिनेटर सुशील त्यागी के अनुसार ज्ञापन में आठवें वेतन आयोग के गठन से संबंधित 3 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना से देश के पेंशनर्स उत्पन्न शंकाओं के निराकरण को लेकर मांग कर रहे हैं। इनमें जनवरी 2026 से पूर्व पुरानी पेंशन स्कीम के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों की पेंशन के पुनिरीक्षण के विषय को वेतन आयोग की परिधि से बाहर करने के निर्णय पर आपत्ति जारी की गई है। बताया गया है कि वेतन एवं पेंशन सरकार का कमिटेड एक्सपेंडिचर है।प्रत्येक वर्ष नॉन कमिटेड एवं कमिटेड एक्सपेंडिचर का आकलन करते हुए सरकार द्वारा बजट संसद में पारित होता है। इसे अनफंडेड कॉस्ट बताया जाना सरकार के इरादों पर संदेह व्यक्त कर रहा है। पेंशन को न केवल पिछली सेवाओं के लिये एक पुरस्कार के रूप में माना जाता है, बल्कि कर्मचारियों को बुढ़ापे में अभाव से बचाने के लिये भी माना जाता है। जैसे-जैसे बुढ़ापा आगे बढ़ता है, पेंशनभोगी को अपने भविष्य भविष्य के लिये अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। इसलिये हर 5 साल बाद 5त्न पेंशन वृद्धि, विकलॉगता, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के साथ-साथ 12 साल बाद पेंशन के राशिकरण हिस्से की बहाली जैसी पेंशनभोगियों की लंबे समय से मांग लंबित है।
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