जगदीश यादव
कोलकाता,21 फरवरी (आरएनएस)। बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा से काफी पहले ही जहां सियासी विसात बिछ गई है। वहीं तथाकथित और हिंसा की सम्भावनाओं के तहत सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए विधानसभा चुनाव में केन्द्रीय बलों की 480 कंपनियों की तैनाती को केन्द्र ने हरी झंडी दिखा दी है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 20 फरवरी 2026 को देश के चुनाव आयोग से मिले संकेत के बाद, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों) की 480 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। मिली जानकारी में बताया गया है कि, पश्चिम बंगाल में शुरुआत में 1 मार्च से क्षेत्र पर नियंत्रण, विश्वास निर्माण उपायों और अन्य चुनाव संबंधी कर्तव्यों के लिए ये तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्ट्रांग रूम्स में ईवीएम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा भी करेंगी। राज्य में विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों में होने वाले हैं। सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं। हर कंपनी में, 8 सेक्शन पोलिंग स्टेशन और दूसरी ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे, जबकि 1 सेक्शन क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) और सुपरवाइजरी ड्यूटी के लिए रहेगा। बताया गया कि हर कंपनी में कम से कम 72 लोग होने चाहिए। राज्य सरकार से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और रहने की जगह का इंतजाम करने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होने वाली है, जबकि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा मार्च में होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को पूरा हो रहा है।
बहरहाल बता दे कि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के लिए एक दूसरी एम्पावर्ड कमेटी बनाई है ताकि सिटिजनशिप अमेंडमेंट एक्ट, 2019 (सीएए) के तहत मिली सिटिजनशिप रिक्वेस्ट की प्रोसेसिंग में तेजी लाई जा सके। सीएए पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए उन इमिग्रेंट्स को सिटिजनशिप देने का प्रोविजन करता है जो अपने छह माइनॉरिटी धर्मों – हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी – से जुड़े हैं और अपने देशों में धार्मिक उत्पीडऩ के डर से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत में आ गए थे। बता दे कि, पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय में एक उच्च स्तरीय विशेष बैठक बुलाई गई है। इस आपात बैठक का उद्देश्य राज्य में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती पर केंद्रित होगा।
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