भोपाल 13 मार्च (आरएनएस)।मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र भोपाल, नर्मदापुरम, ग्?वालियर एवं चंबल संभाग में 150 किलोवॉट भार तक के निम्?न दाब श्रेणी के नए विद्युत कनेक्शन उपभोक्?ताओं को प्रदान करने के लिए ऑनलाइन, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर उपलब्?ध इस द्धह्लह्लश्चह्य://ह्यड्डह्म्ड्डद्यह्यड्डठ्ठ4शद्भड्डठ्ठ.द्वश्चष्5.द्बठ्ठ:8888/द्धशद्वद्ग लिंक के माध्?यम से यह कनेक्?शन ऑनलाइन मिलेंगे। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवॉट भार तक के नए कनेक्शन के लिए आवेदन केवल “सरल संयोजन पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकृत किए जाएंगे।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने बताया है कि उपभोक्?ताओं द्वारा नए कनेक्?शन के लिए अब तक आवेदन के बाद 45 मीटर तक की सर्विस लाइन तथा आवश्यकता होने पर वितरण ट्रांसफार्मर, उच्?च दाब/ निम्?न दाब लाइन जैसी अन्य अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्य स्वयं कराना होते हैं। अब इस नई व्यवस्था में, वैध विद्युतीकृत क्षेत्रों में ऐसे सभी कार्य अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जाएंगे। इसके लिए शर्त है कि उपभोक्ता को मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेग्?यूलेशन में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सप्लाई अफोर्डिंग चार्जेस का भुगतान करना होगा।
उपभोक्?ता को रेग्?यूलेशन में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ऊपर दिए गए प्रावधानों में से किसी भी विकल्?प को चुनने की स्?वतंत्रता होगी। यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के लागू होने से 150 किलोवॉट भार तक के निम्?न दाब श्रेणी के नए कनेक्शनों को लेने के इच्?छुक उपभोक्ताओं को अब सर्विस लाइन और अन्?य अधोसंरचना बनाने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी।
गौरतलब है कि मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्?ता उन्?मुखी कंपनी है और कंपनी द्वारा प्रदेश के सतत विकास के लिए तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सुशासन की दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।
फायदे-इस व्यवस्था के लागू होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य वाणिज्यिक संस्थानों, नए स्टार्टअप को नया कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।
नया कनेक्?शन ऑनलाइन और निर्धारित समय अवधि में प्राप्त होगा।
नई व्?यवस्?था से मध्यप्रदेश के उद्योग जगत में नए युग का सूत्रपात होगा और राज्?य में उद्योगों को लगाने के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।
यह पहल मध्यप्रदेश के सतत विकास लक्ष्?य (स्ष्ठत्र त्रशड्डद्यह्य) को प्राप्त करने में सहायक होगी।
निरन्?तर उद्योगों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

