उज्जैन, आरएनएस, 17, मार्च। घूसखोर पंचायत सचिव एवं उसके साथी ठेकेदार को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते उज्जैन लोकायुक्त ने ट्रैप कर रंगेहाथों पकड़ा। पंचायत सचिव ने सरपंच से बिल पर साइन करने के नाम पर 45 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। वह पहले 15 हजार रुपए ले चुका था। लोकायुक्त टीआई दीपक सेजवार ने बताया कि मामला तराना तहसील के ग्राम बोरदा मांडा का है।
यहां के सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने 12 मार्च को लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी। इसमें बताया था कि ग्राम पंचायत बोरदा मांडा में कराए गए निर्माण कार्यों के बिल पेमेंट करना है जिस पर साइन करने के लिए पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ द्वारा 45 हजार रुपए की रिश्वत की मांगी जा रही है। सचिव पहले ही 15 हजार रुपए ले चुका है।
जांच में शिकायत सही पाई गई जिसके बाद ट्रैप टीम बनाई गई। आरोपी पंचायत सचिव दरबार सिंह और ठेकेदार कमल बंजारा ने सरपंच राजेश को कायथा थाने के पास बुलाया। यहां सरपंच ने अपनी कार में 30 हजार रुपए पंचायत सचिव दरबार सिंह को दिए जो उसने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को दे दिए। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने दोनों को धरदबोचा।
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