रांची 19 मार्च (आरएनएस)। खूंटी पुलिस के समक्ष आज एक लाख का इनामी पीएलएफआई नक्सली (30 वर्षीय ) हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने पुलिस के सामने हथियार और कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। हाबिल मुंडू मुरहू थाना क्षेत्र के बम्हनी का निवासी है। हाबिल ने झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी नई दिशा के तहत आत्मसमर्पण किया।
नक्सली एरिया कमांडर ने तीन पिस्टल, 13 कारतूस और दो वॉकी टॉकी के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
प्रेस वार्ता कर खूंटी पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने बताया कि हाबिल मुंडू एक दशक से ज्यादा समय से नक्सली गतिविधियों में शामिल रहा है और विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्जनों नक्सली वारदातों को अंजाम देने में शामिल रहा है। पीएलएफआई का एरिया कमांडर बनने के बाद उसने जंगलों में हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया और कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया।
एरिया कमांडर हाबिल मुंडू के खिलाफ खूंटी, मुरहू, तोरपा और कर्रा थाना में दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 2016 में गिरफ्तारी के बाद सात वर्षों तक जेल की हवा भी खा चुका। 2023 में जेल से बाहर आने के बाद फिर नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहा।
लेवी के लिए फायरिंग, ऑनलाइन पैसे की वसूली,
दिसंबर 2025 में खूंटी थाना क्षेत्र के ग्राम दुगडुगिया में ठेकेदार से लेवी वसूली के लिए फायरिंग की घटना, उग्रवादियों ने संगठन के नाम से पर्चा फेंककर दहशत फैलायी और फोन-पे के जरिए 15 हजार रुपये वसूले। बाकी रकम की मांग जारी थी।
2013–2016: लूट, रंगदारी, हत्या और हथियार के साथ गिरफ्तारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस दौरान आरोपी ने कई गंभीर अपराध किया।
2013: सड़क निर्माण कार्य में लगे लोगों पर हमला, हथियार के साथ गिरफ्तारी
2014: मोटरसाइकिल छीनने और हथियार छिपाने का मामला, पुलिस ने हथियार बरामद किए
2015: रंगदारी, फसल नष्ट करना, पिस्तौल दिखाकर धमकी और लगातार लूट की घटनाएं
जनवरी 2016: बैंक कर्मी से पैसे की लूट
2016: मुरहू क्षेत्र में निर्माण कार्य में लगे व्यक्ति की हत्या
2016 में लगातार वारदात, फिर गिरफ्तारी
फरवरी–मार्च 2016 के दौरान आरोपी और उसके साथियों ने—
पेट्रोल पंप में डकैती की योजना
सड़क निर्माण कार्य में लेवी वसूली
बड़ी आपराधिक घटना की साजिश
जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसी दौरान पुलिस ने उसे हथियार और गोली के साथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वह करीब 7 वर्षों तक जेल में रहा।
2023 में जेल से छूटकर फिर सक्रिय
वर्ष 2023 में जेल से बाहर आने के बाद हाबिल मुंडू फिर से उग्रवादी नेटवर्क से जुड़ गया। वह मोबाइल ऐप के जरिए अपने साथियों से संपर्क में रहकर लेवी वसूली, फायरिंग और दहशत फैलाने का काम करने लगा।
2024–2025 में भी जारी रही आपराधिक गतिविधियां
जुलाई 2024 (खूंटी): वाहन दुर्घटना मामले में भी नाम सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई
अगस्त 2025: लूट की योजना बनाते समय साथियों के साथ पुलिस कार्रवाई, कुछ आरोपी हथियार के साथ पकड़े गए।
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