दतिया 27 मार्च (आरएनएस)।नवरात्रि मेले के दौरान प्रसिद्ध शक्तिपीठ रतनगढ़ माता मंदिर पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की तत्परता एवं कुशल प्रबंधन के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। महोबा (उत्तर प्रदेश) से आई एक बालिका को सिंध नदी में डूबने से समय रहते बचा लिया गया।
दिनांक 26 मार्च 2026 को महोबा (उ.प्र.) निवासी एक परिवार अपनी पुत्री मधु सेन के साथ माता रतनगढ़ के दर्शन हेतु आया हुआ था। सिंध नदी घाट पर अचानक बालिका को मिर्गी का दौरा पडऩे से वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिर गई और डूबने लगी।
घाट पर तैनात एसडीआरएफ एवं पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया। एसडीआरएफ के सैनिक अनूप कुमार एवं अजय कुमार ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगाकर बालिका को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू के पश्चात मात्र 2 मिनट के भीतर एम्बुलेंस चालक मनोज कुमार यादव मौके पर पहुंचे और बालिका को मंदिर परिसर में स्थापित अस्थायी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉ. शुभम शर्मा एवं डॉ. सचिन रावत द्वारा तत्काल उपचार प्रदान किया गया। समय पर मिली चिकित्सा सहायता से बालिका अब पूर्णत: स्वस्थ एवं सुरक्षित है।
इस सराहनीय एवं साहसिक कार्य के लिए आज कलेक्टर दतिया स्वप्निल वानखड़े द्वारा रेस्क्यू टीम के सदस्यों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही, पुलिस अधीक्षक दतिया सूरज कुमार वर्मा द्वारा पूरी टीम को दस हजार रुपये का नकद इनाम देकर उत्साहवर्धन किया गया। दोनों अधिकारियों ने टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार कर्तव्यनिष्ठा एवं सतर्कता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि नदी घाटों पर विशेष सावधानी बरतें एवं गहरे पानी की ओर न जाएं। बच्चों एवं अस्वस्थ व्यक्तियों पर निरंतर निगरानी रखें। प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों, बैरिकेडिंग एवं सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

