वॉशिंगटन ,30 मार्च,। अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि ईरान अब केवल उन्हीं देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिन्हें वह मित्र राष्ट्र मानता है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को तेल से लदे 20 बड़े जहाज भेजे हैं, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, मैं इसे पूरी तरह परिभाषित नहीं कर सकता, लेकिन मुझे लगता है कि सम्मान के संकेत के तौर पर ईरान हमें तेल से लदे 20 बड़े जहाज भेज रहा है। यह प्रक्रिया कल सुबह से शुरू होगी और अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। अपने विमान ‘एयर फोर्स वनÓ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौते के लिए तैयार नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि पहले ईरान 10 जहाज भेजने पर सहमत था, लेकिन बाद में इस संख्या को बढ़ाकर 20 कर दिया गया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे और मध्यस्थों के जरिए बातचीत कर रहा है। हालांकि, बातचीत के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई भी जारी है। उन्होंने कहा, आज हमने उनके कई लक्ष्यों को तबाह कर दिया है। उनकी नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है। हम बातचीत भी कर रहे हैं और जरूरत पडऩे पर कड़ा प्रहार भी कर रहे हैं।
ट्रंप ने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2015 में हुए परमाणु समझौते की आलोचना की। उन्होंने इसे देश के इतिहास का सबसे खराब और मूर्खतापूर्ण सौदा बताया। ट्रंप का कहना है कि यदि वह समझौता खत्म नहीं किया गया होता, तो आज ईरान के पास परमाणु हथियार होते। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब एक नया और अधिक सख्त समझौता चाहता है, जो ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं पर पूरी तरह नियंत्रण सुनिश्चित करे।
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