ईरान ,30 मार्च,। मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरान ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकनÓ उसकी सैन्य पहुंच में आता है, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने हाल के दिनों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। इन हमलों का मुख्य निशाना इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकाने रहे हैं। इसके जवाब में अमेरिका और इजरायल ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
खाड़ी देशों में सुरक्षा कड़ी
बढ़ते खतरे को देखते हुए यूएई, कतर और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दुबई और दोहा जैसे प्रमुख शहरों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडरा रहा खतरा
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी खतरे के बादल छा गए हैं। यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। तेल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में बाधा कई देशों के लिए आर्थिक चुनौती खड़ी कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता लगातार बढ़ रही है।
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