इस्लामाबाद ,30 मार्च,। आर्थिक बदहाली और आसमान छूती महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में अब एक भयानक संकट खड़ा हो गया है। देश में तेल की भारी किल्लत के चलते हाहाकार मचा हुआ है, जिसे देखते हुए सरकार ने एक बेहद सख्त और चौंकाने वाला कदम उठाया है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर पाकिस्तान में अब हर हफ्ते शनिवार और रविवार को पूरे देश में ‘स्मार्ट लॉकडाउनÓ लगाने का बड़ा फैसला लिया गया है। आगामी 4 और 5 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इस नियम के बाद पूरे पाकिस्तान की रफ्तार वीकेंड पर पूरी तरह से थम जाएगी। तेल बचाने की इस भारी जद्दोजहद के बीच पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस (क्कढ्ढ्र) पर भी हमेशा के लिए ताला लटकने का खतरा मंडराने लगा है।
शनिवार-रविवार घरों में कैद रहेंगे लोग
सरकार द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव के मुताबिक, देशव्यापी लॉकडाउन हर शनिवार रात 12:01 बजे से शुरू होकर रविवार रात 11:59 बजे तक सख्ती से लागू रहेगा। इस दौरान देश की सभी दुकानें, छोटे-बड़े बाजार, फैक्ट्रियां और अन्य कामकाजी गतिविधियां पूरी तरह से ठप रहेंगी। सर्विस सेक्टर पर भी पूरी तरह से ताला लटका रहेगा। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इस वीकेंड लॉकडाउन के दौरान एक शहर से दूसरे शहर जाने वाली सड़कें, सभी हाईवे और मोटरवे आम जनता के लिए पूरी तरह सील रहेंगे और निजी गाडिय़ों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, लोगों की बेहद जरूरी यात्राओं को ध्यान में रखते हुए सिर्फ पब्लिक बसों को इस पाबंदी से बाहर रखा गया है।
अस्पताल और रेलवे स्टेशन खुले रहेंगे
इस सख्त लॉकडाउन के बीच सरकार ने कुछ जरूरी और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी है ताकि लोगों की जान पर न बन आए। पूरे पाकिस्तान में अस्पताल, दवा की दुकानें और अन्य आवश्यक सरकारी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी। इसके अलावा, आवश्यक परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एयरपोर्ट, बंदरगाह और रेलवे स्टेशन भी काम करते रहेंगे। इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने प्रांतीय सरकारों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द दोपहिया और तिपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन पूरा करें। सरकार की योजना है कि इस रजिस्ट्रेशन के जरिए वह सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को तेल पर सब्सिडी का फायदा पहुंचा सके।
भारी घाटे में डूबकर बंद होने की कगार पर क्कढ्ढ्र
सड़कों पर गाडिय़ों के पहिए थमने के साथ-साथ अब आसमान में भी पाकिस्तान का वजूद खतरे में पड़ गया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल सप्लाई में आई भारी अनिश्चितता ने पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (क्कढ्ढ्र) को बंदी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। पीआईए कंसोर्टियम के चेयरमैन आरिफ हबीब ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जेट फ्यूल की कीमतें इसी तरह बेतहाशा बढ़ती रहीं, तो एयरलाइन का संचालन पूरी तरह से नामुमकिन हो जाएगा। महज कुछ ही दिनों में जेट फ्यूल (छ्वक्क-1) की कीमत 388 रुपये से छलांग लगाकर 472 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि 1 मार्च (190 रुपये प्रति लीटर) से अब तक जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 150 प्रतिशत का भयानक उछाल आ चुका है। इस गुपचुप तरीके से बढ़ाई गई कीमत ने एयरलाइंस के खर्चों को इतना बढ़ा दिया है कि अब इसका उड़ान भरना लगभग नामुमकिन हो गया है।
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