वाशिंगटन/तेहरान,02 अपै्रल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सुबह राष्ट्र को संबोधित किया। पूरी दुनिया की उनके संबोधन पर नजरें थीं। माना जा रहा था कि वे ईरान युद्ध को लेकर कुछ बड़ी घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने कोई भी बड़ा ऐलान नहीं किया। उलटा उनके संबोधन ने युद्धविराम और ईरान को लेकर आगे की रणनीति से जुड़ी अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया। आइए जानतें हैं ट्रंप के संबोधन में किन बातों का जवाब नहीं मिला।
ट्रंप ने संबोधन में युद्धविराम को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई। इसके बजाय उन्होंने संकेत दिया कि अभियान का सबसे भीषण चरण अभी आना बाकी हो सकता है। उन्होंने कहा, मैं कह सकता हूं कि हम अमेरिका के सभी सैन्य उद्देश्यों को जल्द ही पूरा करने की राह पर हैं। हालांकि, इसके फौरन बाद ट्रंप ने कहा कि वे अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बेहद कड़ा प्रहार करने वाले हैं, जो देश को पाषाण युग में ले जाएगा।
युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है, जिससे दुनियाभर में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। ट्रंप ने कहा, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले तेल पर निर्भर नहीं है और न ही भविष्य में इससे कोई तेल लेगा। इस मार्ग पर निर्भर देशों को कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन धैर्य रखना चाहिए और इसकी देखभाल करनी चाहिए। ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध खत्म होने के बाद होर्मुज अपने आप खुल जाएगा।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को कमजोर करने में अहम प्रगति की घोषणा की, लेकिन ये नहीं बताया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने का अहम उद्देश्य हासिल हो गया है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका का ध्यान ईरान के संवर्धित यूरेनियम को कब्जाने पर नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सामग्री बेहद गहराई में रखी गई है और अमेरिका की इस पर नजर है, जिसके चलते खतरा कम हो जाता है।
ट्रंप ने ईरान के भीतर नेतृत्व को लेकर कहा कि कई शीर्ष अधिकारियों की मृत्यु से व्यवधान खत्म हो गए हैं। उन्होंने नए नेतृत्व को वार्ता के लिए संभावित अवसर बताया और इसे कम कट्टरपंथी और अधिक तर्कसंगत कहा। उन्होंने कहा कि ईरान के प्रमुख हस्तियों के मारे जाने के कारण सत्ता परिवर्तन प्रभावी रूप से हो चुका है। उन्होंने इसे एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा, उनके सभी मूल नेताओं की मृत्यु हो गई है।
ट्रंप का संबोधन खत्म होते ही तेल की कीमतों में उछाल आया और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट आई है। आज सेंसेक्स 1400 अंक टूटा है और निफ्टी में भी 450 अंकों की गिरावट आई है। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 4 प्रतिशत, जापान का निक्केई 2 प्रतिशत, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग एक प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिरा है।
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