सिरसा 13 अप्रैल (आरएनएस)। नारनौल में ‘मनुमुक्त मानव मैमोरियल ट्रस्टÓ की ओर से शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामनिवास ‘मानवÓ एवं डॉ. कान्ता भारती द्वारा ‘पंडित मातादिन-मूर्ति देवीÓ स्मृति 28वां स्मृति समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर नेपाल से सात साहित्यकारों तथा देश के विभिन्न सात राज्यों से साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिंघानिया यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. मनोजकुमार गर्ग तथा मुख्य अतिथि नेपाल के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजेन्द्रसिंह रावल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पवन कुमार शर्मा, डा. पुष्करराज भट्ट, डॉ. शेलेन्द्र कुमार शर्मा (उज्जैन) ने महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। पूर्व मुख्यमंत्री को ‘पंडित मातादीन-मूर्तिदेवी स्मृति शिखर पुरस्कार के रूप में 11000, अंगवस्त्र तथा स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। हरियाणा की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शील कौशिक एवं स्वर्गीय उर्मि कृष्ण(अंबाला) को भी शिखर पुरस्कार 5000 रुपए ,अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न सहित दिया गया। इस अवसर पर डॉ. शील कौशिक को नेपाल के पूर्व मुख्यमंत्री राजेन्द्र सिंह रावल ने ‘नारी शक्ति सम्मानÓ के स्वरूप अंगवस्त्र भी भेंट किया। डा. शील कौशिक की हिंदी,पंजाबी में अबतक 47 मौलिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वे नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मॉरीशस के अलावा भारत के 17 राज्यों से 150 से अधिक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित हो चुकी हैं। उनके साहित्य पर पांच पीएचडी एवं छह एमफिल संपन्न हो चुकी हैं। वे लघुकथा, समीक्षा, कविता, कहानी, लघुकविता के अतिरिक्त बाल साहित्यकार के तौर पर जानी जाती हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त इस अवसर पर सिरसा के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मेजर शक्तिराज एवं प्रिं. ज्ञानप्रकाश पीयूष को ‘पंडित मातादिन-मूर्तिदेवी स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया। डॉ. मेजर शक्तिराज की हिंदी, पंजाबी, अंग्रेजी में 25 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा उन्हें अनेक सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के बीस साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
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