मीरजापुर 13 अप्रैल (आरएनएस)। नगर के बहुचर्चित अधिवक्ता हत्याकांड के दूसरे आरोपी व 25 हजार के इनामियां को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। उसे घायलावस्था में जिला मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कटरा कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई एसओजी, सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से मुठभेड़ में गिरफ्तार कर मौके से अवैध तमंचा मय कारतूस व एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। बताते चलें कि कटरा कोतवाली क्षेत्र के कतवारु कापुरा सद्भावना नगर में अधिवक्ता को गोली मारकर हुई हत्या के मामले में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने फौरन पुलिस की पांच टीमें गठित करते हुए, अतिशीघ्र हत्यारोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। एसपी के सख़्त निर्देश पर पुलिस टीम अलग-अलग ऐगल पर लगकर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगी हुई थी। अधिवक्ता हत्याकांड में विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी इंद्रासन बिंद पुत्र स्वर्गीय गिरजा बिंद निवासी लोहदीकलां (लंका पहाड़ी) थाना कोतवाली देहात का नाम प्रकाश में आने पर उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज़ कर दिए गए थे। फरार चल रहे इंद्रासन बिंद की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में 5 टीमों का गठन किया गया था। इसी बीच उसके इंद्रासन बिंद के राजापुर गांव में छिपे होने की सूचना प्राप्त होने पर सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष कोतवाली कटरा व एसओजी टीम द्वारा तत्काल मुखबिर द्वारा बताए स्थान पर दबिश दिया गया तो पुलिस की आहट पाकर एक व्यक्ति घर से बाहर निकलकर चंद्रदीपा की तरफ जाने वाले रास्ते पर भागने लगा था। जिसपर पुलिस द्वारा घेराबंदी की गयी तो अपने को पुलिस से घिरता देखकर वह पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायर करने लगा था। पुलिस पार्टी द्वारा भी आत्मरक्षार्थ सीमित जवाबी फायरिंग की गयी तो उस व्यक्ति के दोनों पैरों में गोली लगी है। नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम इंद्रासन बिंद पुत्र स्वर्गीय गिरजा बिंद निवासी लोहदीकलां (लंका पहाड़ी) कोतवाली देहात बताया गया।
जो अधिवक्ता हत्याकांड का दूसरा आरोपी रहा है। इस दौरान तलाशी ली गयी तो उसके पास से घटना में प्रयुक्त 1 अवैध तमंचा, 2 जिंदा कारतूस, 1 खोखा कारतूस तमंचा के चेम्बर में फंसा हुआ 315 बोर एवं अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए इंद्रासन बिंद से जब पुलिस टीम ने पूछताछ किया तो उसने बताया कि अधिवक्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर उसके ही गांव में रह रहा था। वहीं पर उसकी उनसे जान पहचान हुई थघ। दोनों साथ-साथ रह रहे थे। राजेंद्र की ही पुरानी चुनावी रंजिश राजीव सिंह से थी। घटना से 3 दिन पूर्व दोनों प्रधान की हत्या की योजना बनाये और 11 अप्रैल 2026 दोनों ने उनकी गोली मार कर हत्या कर मौके से भाग गये थे।
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