*मौके से बालू लदी नावें बरामद, ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप
मीरजापुर 14 अप्रैल (आरएनएस)। यूपी के मीरजापुर-प्रयागराज सरहदी सीमा में गंगा नदी में अवैध बालू खनन बेख़ौफ़ जारी है। आश्चर्य कि बात है कि मीरजापुर के जिगना से लगाए प्रयागराज के मेजा का एरिया कछुआ सेंचुरी क्षेत्र के रुप में रिजर्व है बावजूद इसके बालू खनन माफिया बेख़ौफ़ होकर अवैध बालू खनन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अवैध बालू खनन से कछुआ का घरौंदा प्रभावित होने के साथ उनके जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है। मंगलवार को गंगा नदी में बालू खनन में संलिप्त नाव बरामद करते हुए 10 नामजद सहित 9 अज्ञात के विरुद्ध जिगना थाना में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। मीरजापुर के उपजिलाधिकारी सदर गुलाब चंद के नेतृत्व लगातार मंगलवार को दूसरे दिन भी अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध बालू खनन में संलिप्त लोगों पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9,
धारा 51, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 धारा 3, धारा 5
के तहत थाना जिगना में वन प्रभाग प्रयागराज के एसडीओ मेजा के वन दरोगा राम चंद्र यादव की तहरीर पर स्नढ्ढक्र दर्ज कराया गया है। बताया जा रहा है कि इधर कुछ दिनों से जिगना से लगाए मेजा के गंगा नदी के कछुआ सेंचुरी एरिया में अवैध बालू खनन की शिकायत लगातार मिल रही थी। जिलाधिकारी मीरजापुर पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर उपजिलाधिकारी सदर गुलाब चन्द्र दो दिनों से लगातार कछुआ सेंचुरी एरिया में श्वठ्ठद्घशह्म्ष्द्गद्वद्गठ्ठह्ल टीम द्वारा जिसमें थाना प्रभारी जिगना संजय सिंह, वन विभाग मीरजापुर, प्रयागराज एवं खनन व राजस्व टीम शामिल थी, के साथ छापेमारी कर गोगांव गंगा नदी तट पर बड़ी कार्रवाई की है।
इस दौरान टीम द्वारा बालू खनन में संलिप्त 2 नावों को ज़ब्त कर एसडीओ वन विभाग मेजा को सुपुर्द किया गया। एसडीएम सदर मीरजापुर गुलाब चन्द्र बताया कि पूर्व में ही चेताया गया था कि बालू खनन एवं परिवहन में नावों का प्रयोग न करे अन्यथा पकड़े जाने पर नावें जब्त होगीं और बालू खनन में संलिप्त व्यक्तियों एवं नाविकों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 9 नामजद एवं 10 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की गई है। आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी तथा अवैध खनन करते पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज होगी एवं सीधे जेल भेजा जाएगा?। बताते चलें कि बेख़ौफ़ बालू खनन माफिया दिन रात गंगा नदी के तलहटी तक जाकर बालू खनन में लगे हुए हैं। मीरजापुर के जिगना से लेकर मेजा, प्रयागराज तक बेख़ौफ़ बालू खनन हो रहा है। प्रशासन द्वारा कहने को तो समय समय पर धर-पकड़ की कार्रवाई की जाती है, लेकिन इतने सब के बाद भी अवैध बालू खनन का काला कारोबार रुकने को कौन कहें दिन-रात बढ़ता ही आया है। सोमवार को भी कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन प्रवर्तन टीम के साथ छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। प्रवर्तन टीम में थानाध्यक्ष जिगना संजय सिंह, वन विभाग मिर्जापुर,प्रयागराज की टीम तथा खनन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी सम्मिलित रहे। टीम द्वारा गोगांव गंगा नदी तल पर सघन छापेमारी की गई थी। इस दौरान एसडीएम सदर के निर्देश पर प्रवर्तन टीम द्वारा बालू खनन में संलिप्त 2 नावों को जब्त कर एसडीओ फॉरेस्ट मेजा, प्रयागराज को सुपुर्द किया गया था। एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया है कि बालू खनन एवं परिवहन में नावों का प्रयोग न किया जाए। यदि कोई नाव बालू खनन में संलिप्त पाई गई तो उसे तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कछवां सैंक्चुअरी क्षेत्र में आगे भी लगातार छापेमारी की कार्रवाई जारी रहेगी। बालू खनन में संलिप्त व्यक्तियों एवं नाविकों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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