रायपुर, 22 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष रूड्डद्यद्यद्बद्मड्डह्म्द्भह्वठ्ठ ्यद्धड्डह्म्द्दद्ग द्वारा प्रधानमंत्री हृड्डह्म्द्गठ्ठस्रह्म्ड्ड रूशस्रद्ब को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी विवाद गहराता जा रहा है। इस पर भाजपा विधायक ्रद्भड्ड4 ष्टद्धड्डठ्ठस्रह्म्ड्डद्मड्डह्म् ने तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अतीत संदिग्ध रहा है और बयानबाजी की मर्यादा का पालन होना चाहिए। साथ ही तंज कसते हुए उन्होंने खडग़े को अपनी भाषा और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की नसीहत दी।
इसी बीच बस्तर में भारत रत्न के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी सियासत गरमा गई है। अजय चंद्राकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का छत्तीसगढ़ में स्वागत है और उनके दौरे से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। हालांकि दौरे के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए अब उनका दौरा केवल छिंदनार तक सीमित कर दिया गया है।
दूसरी ओर कांग्रेस संचार प्रमुख ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने के दावों के बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। इस पर चंद्राकर ने जवाब देते हुए कहा कि बिना आधार के ऐसे आरोप लगाना राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाता है और कांग्रेस अनावश्यक रूप से मुद्दे को तूल दे रही है।
वहीं छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य सरकार महिला आरक्षण और डीलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि सत्र की स्थिति नोटिफिकेशन के बाद स्पष्ट होगी और विधायी प्रक्रिया को समझने की आवश्यकता है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भी भाजपा की रणनीति पर चर्चा तेज है। चंद्राकर ने कहा कि बंगाल चुनाव राष्ट्रीय महत्व का है और पार्टी अपने मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और जिसे भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे निभाना होगा।
महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस द्वारा भाजपा सांसदों से शपथ लेकर जवाब मांगने पर भी चंद्राकर ने कहा कि ऐसे सवालों से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने खुली चर्चा की वकालत करते हुए कहा कि विधेयक की परिस्थितियां स्पष्ट हैं और भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जा रही है।
छत्तीसगढ़ में इन तमाम मुद्दों को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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