जौनपुर 23 अप्रैल (आरएनएस)। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को मछलीशहर तहसील के अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र से तहसीलदार रवि रंजन कश्यप और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत की है। अधिवक्ताओं ने दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में लिप्त होने का आरोप लगाया है।अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार रवि रंजन कश्यप और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते। उनके अनुसार, बिना धन उगाही के किसी भी पत्रावली पर निर्णय नहीं लिया जाता और मोल-भाव किया जाता है। कई पत्रावलियां छह से आठ महीने तक आदेश के लिए लंबित रखी जाती हैं।शिकायत में यह भी कहा गया है कि ये अधिकारी न तो जनता दर्शन में बैठते हैं और न ही किसी प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हैं। छात्र-छात्राओं के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों पर भी आख्या नहीं मांगी जा रही है, जिससे कई छात्रों की प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि निकल चुकी है और वे परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने बताया कि हर न्यायालय में निजी मुंशी काम कर रहे हैं, जबकि शासन का सख्त आदेश है कि निजी कर्मचारियों को न्यायालयों से हटाया जाए। इसके अतिरिक्त, बिना किसी पूर्व सूचना के अधिवक्ताओं की मेज-कुर्सियां फेंककर तोड़ दी गईं और पंखे भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए।तहसीलदार पर न्यायालय के पश्चिम में स्थित सार्वजनिक शौचालय को भी ताला लगवाकर बंद करवाने का आरोप है, जबकि यह जनता की सुविधा के लिए बनाया गया था। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ श्जीरो टॉलरेंसश् नीति का हवाला देते हुए कहा कि इन अधिकारियों के कारण शासन-प्रशासन की छवि खराब हो रही है।अधिवक्ता संघ ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि दोनों अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और भ्रष्टाचार की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि शासन और प्रशासन की छवि धूमिल न हो।
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