जौनपुर 23 अप्रैल (आरएनएस)। वामपंथी दलों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जन आंदोलनों पर सरकारी दमन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसानों, मजदूरों और विपक्षी दलों व संगठनों की शांतिपूर्ण सभाओं, प्रदर्शनों तथा जुलूसों की अनुमति नहीं दी जा रही है। वाम दलों ने प्रशासन पर इस संबंध में भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा और कुछ सांप्रदायिक संगठनों को बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने की छूट दी जाती है।हाल ही में नोएडा में वेतन वृद्धि, आठ घंटे के काम और अन्य कार्य दशाओं में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मजदूरों के साथ पुलिस ने अलोकतांत्रिक व्यवहार किया था। वाम दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने मजदूरों की जायज मांगों पर विचार करने के बजाय आंदोलन का दमन करने और उसे बदनाम करने का प्रयास किया। वाम दलों ने बताया कि नोएडा का यह आंदोलन शुरू से ही स्वत:स्फूर्त था, जो मजदूरों के जीवन की वास्तविक समस्याओं को उठा रहा था। उन्होंने सरकार से प्रदेश में जनता, विशेषकर मेहनतकशों के जनवादी संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे हमलों को रोकने का अनुरोध किया है।वाम दलों की प्रमुख मांगों में राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा जनता की जायज मांगों को लेकर किए जाने वाले शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शनों को न रोकना और प्रशासन द्वारा भेदभावपूर्ण व्यवहार बंद करना शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की है कि नोएडा और अन्य जगहों पर श्रमिकों के वेतन वृद्धि तथा श्रम कानून लागू करने की मांगों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलनों पर दमन बंद कर उनकी जायज मांगों को पूरा किया जाए।इसके अतिरिक्त, वाम दलों ने नोएडा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए मजदूरों, मजदूर नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर कायम किए गए फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की।उन्होंने पुलिस द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में जनसंगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बेवजह गिरफ्तार करने, हाउस अरेस्ट करने, उन पर शांति भंग का मुकदमा करने और फर्जी धाराओं में जेल भेजने की प्रथा को सख्ती से रोकने का भी अनुरोध किया। वाम दलों ने नोएडा मजदूर आंदोलन के संदर्भ में तत्काल सभी श्रमिक संगठनों और सरकार के बीच वार्ता कर मजदूरों की जायज मांगों पर विचार करने की भी मांग की है।
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