लखनऊ 23 अप्रैल (आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में प्रोफेसर एवं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्य अधिष्ठाता पद पर कार्यरत प्रो. एस. विक्टर बाबू को साउथ इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस की कार्यकारी समिति द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 45वें वार्षिक अधिवेशन का महाध्यक्ष नामित किया गया है। प्रो. विक्टर बाबू का यह नामांकन उनके लंबे समय से चले आ रहे शोध कार्य, विद्वता और शैक्षणिक नेतृत्व का सम्मान है, जो इतिहास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान और विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने प्रो. एस. विक्टर बाबू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनकी इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।यह अधिवेशन जुलाई 2026 में तेलंगाना राज्य के नलगोंडा स्थित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वानों की सहभागिता अपेक्षित है। प्रो. विक्टर बाबू के मार्गदर्शन में आयोजित यह अधिवेशन इतिहास के क्षेत्र में नई दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।उल्लेखनीय है कि साउथ इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस की स्थापना वर्ष 1979 में हुई थी। यह संगठन दक्षिण भारत के इतिहास, संस्कृति और समाज से जुड़े शोध एवं विमर्श को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच है। यह संस्था देशभर के इतिहासकारों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को एक मंच प्रदान करती है, जहां वे अपने शोध कार्य प्रस्तुत करते हैं और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं।इस अवसर पर विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी प्रो. एस. विक्टर बाबू को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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