लखनऊ, 23 अप्रैल (आरएनएस )। प्रदेश में जायद 2026 सीजन की तैयारियों के तहत सरकार ने किसानों के पंजीकरण अभियान को तेज कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष रूप से उन गांवों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां अब तक पंजीकरण का स्तर कम है। अभियान के अंतर्गत सभी भूमिधर किसानों को शामिल किया जाएगा, चाहे वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हों या नहीं।किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं कराने, स्थानीय समाचार पत्रों में सूचनाएं प्रकाशित कराने तथा ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि प्रत्येक किसान तक समय पर जानकारी पहुंच सके और पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से किसान पहचान संख्या अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके बिना किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, उर्वरकों तथा बीज से संबंधित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में किसानों को समय रहते अपना पंजीकरण पूर्ण कराने की सलाह दी गई है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।इसी क्रम में जायद 2026 के लिए फसल सर्वेक्षण भी निर्धारित समयसीमा के भीतर संचालित किया जाएगा। इसके लिए 28 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 1 मई से 31 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में फसल सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस सर्वेक्षण के माध्यम से फसलों का सटीक आंकलन किया जाएगा, जिससे कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
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