लखनऊ 23 अप्रैल (आरएनएस )। राजधानी की महापौर ने अपने आवास पर हुई घटना को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह यहां केवल लखनऊ की महापौर के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सैनिक परिवार की सदस्य के रूप में भी खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वह एक सैनिक की बेटी, बहन, बहू और पत्नी रही हैं तथा पिछले 40 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता के रूप में अनुशासन और स्वाभिमान के मूल्यों को आत्मसात किया है। उन्होंने कहा कि बुधवार की सुबह उनके आवास पर जो घटना हुई, उसने लोकतंत्र और मानवता दोनों को शर्मसार कर दिया है।महापौर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश में हम रहते हैं, उसे भारत माता कहा जाता है और यहां नदियों को भी मां का दर्जा दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं से जुड़े पवित्र रिश्तों—मां, बहन और बेटी—का अपमान करने की घटना को देश की जनता कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं एक मां हैं और उनके लिए देश की हर जननी शक्ति का स्वरूप है, ऐसे में किसी मां का अपमान करना उनके संस्कारों के विपरीत है।उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष ने वर्षों तक देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित रखा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कानूनों का विरोध किया। महापौर ने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर अब देश की महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और किसी भी अपमान का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।महापौर ने आरोप लगाया कि बुधवार सुबह विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके आवास पर पहुंचकर नामपट्टिका पर जूते चलाना न केवल एक जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि यह शहर की प्रथम नागरिक और एक सैनिक की पत्नी का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की पत्नी होने के नाते उन्होंने चुनौतियों का सामना करना सीखा है और वह अपने सम्मान की रक्षा के लिए हमेशा दृढ़ रहेंगी।इस प्रकरण के बीच नगर निगम में 119 में से 93 पार्षदों द्वारा एकजुट होकर निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए जाने पर महापौर ने सभी पार्षदों और शहर की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल औपचारिक कार्यवाही नहीं, बल्कि उन लोगों को जवाब है जिन्होंने महिलाओं के सम्मान का उपहास उड़ाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ की तहजीब और न्यायप्रियता आज भी जीवित है और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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