-सहायक अभिलेख अधिकारी ने मदन मोहन दास के नामान्तरण आदेश पर लगाई रोक
अयोध्या 23 अप्रैल (आरएनएस)। फर्जी खतौनी के आधार पर श्री जानकी निवास मन्दिर प्रमोदवन की सम्पत्ति को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जाता है कि श्री जानकी निवास मन्दिर प्रमोदवन अयोध्या के स्वर्गीय महन्त सुदामा दास की तहसील राजस्व रिकार्ड में दर्ज भूमि गाटा संख्या- 182 स्थित ग्राम मीरापुर डेराबीबी, अयोध्या को श्री जानकी निवास मन्दिर प्रमोदवन के तत्कालीन मुख्य महन्त स्व0 रामस्वरूप दास उर्फ महर्षि नीमिया बाबा के तथाकथित बहिष्कृत चेला मदन मोहन दास पुत्र अज्ञात द्वारा स्वयं के पक्ष में फर्जी खतौनी की कूटरचना करके उसमें नायब तहसीलदार अयोध्या तहसील सदर के फर्जी नामान्तरण आदेश दर्शाकर कूटरचना किया है और उसी कूटरचित खतौनी के आधार पर श्री जानकी निवास मन्दिर प्रमोदवन अयोध्या के विराजमान ठा0 राघवेन्द्र बिहारी महराज की अन्य सम्पत्ति भूमि गाटा सख्या 153 मि0, 161मि0, 163, 10घ, 20व स्थित ग्राम मांझा मीरापुर द्वावा अयोध्या के खतौनी में मदन मोहन दास ने अवैध तरीके से दाखिल खारिज करा ली है। श्री जानकी निवास मन्दिर प्रमोदवन अयोध्या के महन्त रामकुमार दास द्वारा उक्त मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फैजाबाद के न्यायालय में 173(4) बी0एन0एस0 का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फैजाबाद द्वारा 25 मार्च 2026 को उक्त मामले में थाना कोतवाली अयोध्या के प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया। महन्त रामकुमार दास ने मदन मोहन दास द्वारा अवैध तरीके से करायी गयी सम्बन्धित दाखिल खारिज के आदेश के विरूद्ध सहायक अभिलेख अधिकारी के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की। चूंकि मदन मोहन दास द्वारा प्रापर्टी डीलरो एंव भूमाफियो के साथ मिलकर उक्त जमीनो का बैनामा करने के फिराक में था जिसमें सहायक अभिलेख अधिकारी अयोध्या द्वारा मामले की गम्भीरता को देखते हुए 21 अप्रैल 2026 को मदन मोहन दास के नामान्तरण पर आदेश रोक लगा दी है।
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