रायपुर 24 अप्रैल (आरएनएस) डीडी नगर इलाके में आधी रात की खामोशी उस वक्त दहशत में बदल गई जब 20 अप्रैल 2026 की रात करीब 12:30 बजे कुशालपुर-चंगोराभाठा ओवरब्रिज के पास पैदल जा रहे दो युवकों को 3-4 बदमाशों ने घेरकर सेकंडों में उनका मोबाइल, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड और जरूरी दस्तावेज झपट्टा मारकर छीन लिए और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, पीड़ित ट्रैवलर्स व्यवसायी अमरकांत सिन्हा के स्टाफ हेल्पर भूपेंद्र निषाद और ड्राइवर मोहन शर्मा थे जो मैपल ग्रीन कॉलोनी की ओर जा रहे थे, घटना के बाद थाना डीडी नगर में अपराध क्रमांक 265/26 धारा 304(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज होते ही पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल ने इसे गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा, सहायक पुलिस आयुक्त देवांश राठौर तथा थाना प्रभारी गौतम गावड़े को तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए, इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, संदिग्धों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान तक पहुंच गई, लगातार दबिश और ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने हिमांशु खापरे उर्फ गगन (18 वर्ष 6 माह) निवासी चंगोराभाठा, पंकज साहू (19 वर्ष) निवासी छेरीखेड़ी हाल सतबहनिया मंदिर राजेंद्र नगर और विधि के साथ संघर्षरत दो नाबालिगों को धर दबोचा, आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद कर लिए गए, पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें से एक नाबालिग पहले भी मारपीट के मामले में बाल संप्रेक्षण गृह जा चुका है, पूरी कार्रवाई ने शहर में सक्रिय झपट्टा गैंग की परतें खोल दी हैं और यह साफ कर दिया है कि सुनसान सड़कों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाने वाले अब पुलिस की पकड़ से दूर नहीं, बहरहाल रायपुर पुलिस का संदेश साफ है—अपराध चाहे जितना तेज हो, कानून उससे एक कदम आगे ही रहेगा।
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