राजनांदगांव 24 अप्रैल (आरएनएस) बसंतपुर इलाके में ताला बंद घर को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने वाले गैंग का आखिरी फरार खिलाड़ी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया, 4 मार्च 2026 को नंदई चौक निवासी वतन सिंह राजपूत अपने परिवार के साथ मोहला गए हुए थे और पीछे से घर सूना पड़ा था, इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपियों ने घर में घुसकर आलमारी तोड़ी और सोने के आभूषण, मोबाइल और कीमती सामान पार कर दिया, घटना सामने आते ही थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 110/2026 दर्ज हुआ और पुलिस ने ताबड़तोड़ जांच शुरू की, पहले ही चरण में शंकर रजक उर्फ बंठा, निखिल ढीमर उर्फ निक्कु, आलोक भोजपुरी और सुरेश ढीमर उर्फ सुरजू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 5 लाख 72 हजार 604 रुपये के सोने के जेवरात बरामद किए गए, लेकिन इस गैंग का एक सदस्य प्रेमदास मानिकपुरी उर्फ डबका (22 वर्ष) निवासी ढीमरपारा घटना के बाद से फरार चल रहा था, पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी और आखिरकार मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर राजनांदगांव शहर में उसकी लोकेशन मिली, बिना देर किए टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया, पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नकबजनी की पूरी साजिश कबूल कर ली, उसके कब्जे से 8 हजार रुपये नगद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई, पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 111 और 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया, इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू और उनकी टीम की सतर्कता और रणनीति साफ नजर आई जिन्होंने एक-एक कर पूरे गैंग को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, बहरहाल यह मामला साफ संकेत देता है कि सूने घर पर नजर रखने वाले अब खुद पुलिस की नजर में हैं और बचना अब नामुमकिन होता जा रहा है।


