रामानुजनगर 24 अप्रैल (आरएनएस) छत्तीसगढ़ के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के पस्ता गांव से सामने आई यह घटना रोंगटे खड़े कर देती है जहां एक युवक मोहम्मद रहमान ताज को चोरी के शक में ऐसी सजा दी गई जिसने कानून और इंसानियत दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया, आरोप है कि गांव के सरपंच पति और कुछ ग्रामीणों ने मिलकर युवक का आधा सिर मुंडवाया, गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई और फिर मारपीट करते हुए पूरे गांव में घुमाया, यह सब कुछ खुलेआम हुआ और किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई, हैरानी की बात यह है कि इस कथित सजा में युवक की पत्नी को भी नहीं बख्शा गया और उसे भी अपमान का सामना करना पड़ा, पीड़ित परिवार का दावा है कि उन पर लगाया गया चोरी का आरोप झूठा है और उनके साथ साजिश के तहत यह बर्बरता की गई, वहीं पुलिस का कहना है कि युवक संदिग्ध हालत में गांव पहुंचा था और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गांवों में कानून की जगह भीड़ का फैसला चलने लगा है और क्या कोई भी व्यक्ति बिना सबूत के इस तरह की सजा देने का हकदार हो सकता है, यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि समाज के उस खतरनाक चेहरे को भी उजागर करती है जहां शक के आधार पर इंसानियत को कुचल दिया जाता है, बहरहाल यह मामला एक चेतावनी है कि अगर ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भीड़तंत्र का यह खौफनाक चेहरा किसी के भी साथ दोहराया जा सकता है।
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