सरगुजा संभाग के एक गांव में बीती रात खामोशी उस वक्त चीखों में बदल गई जब अचानक जोरदार धमाका हुआ और घरवालों ने बाहर झांका तो सामने मौत बनकर खड़ा था एक बेकाबू हाथी, मामला ग्राम मेंढारी के सेमरिया पार का है जहां किसान राजेश कुशवाहा के घर पर हाथी ने हमला कर दिया, हाथी ने घर की सामने की दीवार को पूरी ताकत से तोड़ डाला जिससे घर में अफरा-तफरी मच गई लेकिन गनीमत रही कि अंदर मौजूद परिवार के लोग बाल-बाल बच गए, यह घटना कोई पहली नहीं बल्कि उसी हाथी का दोहराया हमला है जिसने इससे पहले भी इसी घर को निशाना बनाया था और घर में रखा गेहूं खा गया था, लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला है जिससे ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है, स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक महीने से यह हाथी अपने झुंड से अलग होकर इलाके में घूम रहा है और आए दिन गांव में घुसकर दहशत फैला रहा है, हर रात ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सहमे हुए हैं, घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है लेकिन सवाल यही है कि क्या केवल सूचना से समाधान निकलेगा या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही व्यवस्था जागेगी, फिलहाल यह घटना साफ चेतावनी है कि मानव और वन्यजीव के इस टकराव को समय रहते नहीं रोका गया तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं और इसकी कीमत निर्दोष ग्रामीणों को चुकानी पड़ सकती है।
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