जगदलपुर,24 अप्रैल (आरएनएस)। बस्तर जिले में आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिखी गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जिला स्तर और विकासखंड पर आयोजित इन कार्यक्रमों में पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। इस विशेष अवसर पर पंचायती राज व्यवस्था की महत्ता और ग्राम स्वराज की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई, जहाँ वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रणाली लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करते हुए जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करती है। ग्राम सभाओं के दौरान आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत के निर्माण हेतु संकल्प पारित किए गए और गाँव की उन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने खेल, कला या अन्य विधाओं में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। इसी कड़ी में आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करने वाली ‘लखपति दीदीयों का भी सम्मान किया गया। सभा में सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर विशेष जोर देते हुए ग्राम विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही आगामी जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु ग्रामीणों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और प्रगणकों को पूर्ण सहयोग देने पर चर्चा की गई।बस्तर ने तकनीकी नवाचार के मामले में एक विशिष्ट उदाहरण पेश किया, जहाँ जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में ‘निर्णय एप्प के माध्यम से सभा की फोटो और वीडियो अपलोड किए गए। साथ ही सभासार एप्प (एआई टूल) का उपयोग कर ग्राम सभा की कार्यवाही का ऑनलाइन विवरण तैयार करने की आधुनिक प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान ग्राम सभा अध्यक्ष के चुनाव हेतु चक्रानुक्रम प्रक्रिया पर भी प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर जिला पंचायत बस्तर के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जनप्रतिनिधियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद सभी उपस्थितजनों द्वारा पंचायतों को अधिक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
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