सक्ति, 25 अप्रैल (आरएनएस)। सक्ति स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (हृ॥क्रष्ट) ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया रिपोट्र्स के आधार पर आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला माना है।
घटना में बॉयलर विस्फोट के बाद निकली अत्यधिक गर्म भाप की चपेट में आने से कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे के बाद बॉयलर के ठंडा होने पर पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।
हृ॥क्रष्ट ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (ष्ठत्रक्क) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट में पीडि़तों को दिए गए मुआवजे का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए।
इसके साथ ही घायलों के उपचार, उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी भी रिपोर्ट में देना अनिवार्य किया गया है।
हादसे में घायल मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। इस पूरे मामले पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की नजर बनी हुई है, जिससे आगे की कार्रवाई और जवाबदेही तय होने की संभावना है।
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