गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 27 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के मरवाही वन मंडल में वन माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। गौरेला परिक्षेत्र की पीपर खूंटी बीट में सागौन प्लांटेशन से 122 बहुमूल्य राष्ट्रीयकृत पेड़ों की अवैध कटाई का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
मामले की शिकायत सीधे रायपुर स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में की गई, जिसके बाद एसडीओ के नेतृत्व में फ्लाइंग स्क्वायड टीम मौके पर भेजी गई। बिलासपुर वृत्त की टीम के साथ संयुक्त जांच में एक ही बीट में 122 पेड़ों के ठूंठ पाए गए, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध कटाई की पुष्टि हुई।
जांच में यह सामने आया है कि बीते तीन महीनों के भीतर मुख्य मार्ग से मात्र 50 मीटर अंदर ही वन माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी बाजार में खपाई। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल जिला वन अधिकारी (ष्ठस्नह्र) कार्यालय से सिर्फ 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, वन विभाग फिलहाल इस अवैध कटाई से हुई राजस्व हानि का आकलन कर रहा है।
गौरतलब है कि मरवाही वन मंडल पहले भी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा में रहा है। एक ही बीट में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई ने विभाग की निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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