दुर्ग 28 अप्रैल (आरएनएस) रक्षित केन्द्र में 25 अप्रैल 2026 को ऐसा स्वास्थ्य शिविर लगा जिसने सिर्फ जांच नहीं की बल्कि संभावित खतरे को समय रहते उजागर कर कई जिंदगियों को सुरक्षित दिशा दे दी, दुर्ग पुलिस द्वारा धन्वंतरी जन कल्याण समिति रायपुर के सहयोग से आयोजित इस ब्रेस्ट कैंसर डिटेक्शन कैंप में पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवार के 102 सदस्यों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया, जांच के दौरान 5 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण सामने आए और यही इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तुरंत परामर्श देकर आगे के उपचार की राह दिखाई, शिविर का उद्देश्य साफ था कि गंभीर बीमारी को शुरुआती स्तर पर पकड़कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाए और इसी सोच ने इसे खास बना दिया, कार्यक्रम में मौजूद उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस परिवार को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया और कहा कि ड्यूटी जितनी जरूरी है उतनी ही जरूरी अपनी सेहत की देखभाल भी है, उन्होंने नियमित जांच, संतुलित आहार और व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया, वहीं डॉ. सुधीर गांगेय ने तनावमुक्त जीवन, शुरुआती जांच और ब्रेस्ट कैंसर की समयपूर्व पहचान को जीवन बचाने का सबसे बड़ा हथियार बताया, शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने न सिर्फ जांच की बल्कि महिलाओं को कैंसर के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से समझाया, इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित पुलिस और चिकित्सा टीम की सक्रिय मौजूदगी रही, पूरे आयोजन में रक्षित केन्द्र स्टाफ, पुलिस अस्पताल और समन्वय टीम की अहम भूमिका रही जिसने इस पहल को सफल बनाया, बहरहाल यह शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक मजबूत संदेश है कि समय पर जांच ही सबसे बड़ी सुरक्षा है और जागरूकता ही बीमारी पर सबसे बड़ा वार।


