नईदिल्ली,29 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को वर्चुअल सुनवाई के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अध्यक्षता में ऑनलाइन सुनवाई चल रही थी, तभी बार-बार स्क्रीन पर अश्लील फिल्म चलाई जाने लगी और परेशान करने वाला संगीत बजाया गया। घटना के बाद अदालत प्रशासन ने वर्चुअल सुनवाई प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया। जब दोबारा सुनवाई शुरू हुई तो फिर अश्लील फिल्म चलने लगी। इसे 2 बार बंद किया गया।
लाइव लॉ के मुताबिक, अदालत की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र में प्रवेश प्राप्त कर लिया और ठीक सुनवाई के समय अश्लील सामग्री को स्क्रीन-शेयर करना शुरू कर दिया। अदालत के अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई रोकी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की लिंक को निष्क्रिय कर दिया। अभी तक पता चला है कि अश्लील सामग्री याचिकाकर्ताओं श्रीधर सरनोबत और शितिजीत सिंह के खातों से प्रसारित की गई हो सकती है।
हाई कोर्ट प्रशासन ने मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई में दर्ज कराई है, जो मामले की जांच कर रहा है। आईएफएसओ इकाई एक विशेष साइबर अपराध विभाग है जो ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर उत्पीडऩ और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों सहित जटिल डिजिटल अपराधों को संभालती है। इकाई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से हटाए गए डेटा को पुन: प्राप्त कर सकती है और डिजिटल घुसपैठ के स्रोत का पता लगा सकती है।
अभी तक की पूछताछ में याचिकाकर्ता शितिजीत सिंह ने दावा किया कि उनका खाता अमेरिका से हैक किया गया था, और उन्हें जानकारी नहीं थी कि सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो कैसे चलाया गया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ को सूचित किया कि यह घटना केवल मुख्य न्यायाधीश ही नहीं बल्कि कई अन्य न्यायालय कक्षों में भी घटित हुई है। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने रजिस्ट्रार जनरल को कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
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