नई दिल्ली/चंडीगढ़, 07 मई (आरएनएस)। भारत सरकार ने आपदा प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2 मई को देश के हर नागरिक के मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट का मैसेज भेजकर ‘नेक्स्ट-जेन मल्टीलिंगुअल हैजर्ड अलर्ट सिस्टम’ की सफल टेस्टिंग की। यह प्रणाली गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की बैठक में राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल के सुझाव के बाद लागू की गई। यह आपदा संचार प्रणाली SACHET प्लेटफॉर्म और सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का उपयोग कर बाढ़, सुनामी, भूकंप और रासायनिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के दौरान क्षेत्र-विशेष चेतावनी सीधे मोबाइल पर भेजेगी। इससे आपातकाल में नेटवर्क पर दबाव नहीं बढ़ेगा। साथ ही, यह प्रणाली क्षेत्रीय भाषाओं में भी अलर्ट भेजेगी, ताकि स्थानीय लोगों तक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे। डॉ. अशोक मित्तल ने 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया था कि देश के 10% से भी कम जिलों में आपदा प्रबंधन योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हैं। उन्होंने तटीय और भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में समय पर चेतावनी के महत्व पर जोर दिया था। डॉ. मित्तल ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। SACHET प्लेटफॉर्म को अपग्रेड कर अब जीवनरक्षक जानकारी तुरंत पहुंचाई जा सकेगी।
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