अजय दीक्षित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल जीतकर जैसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दे दी है। 1953 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक स्व गुरु गोलवलकर के कहने पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिल्ली में जनसंघ की स्थापना की थी , तत्कालीन समय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी हिंदू महासभाई थे और उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर नेहरू मंत्री परिषद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि गुरु गोलवलकर भारतीय राजनीति में संघ को नहीं भागीदार बनाना चाहते थे।गुरु गोलवलकर ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दीनदयाल उपाध्याय, सुंदर सिंह भंडारी, लालकृष्ण आडवाणी, बलराज माधोक, और अटल बिहारी वाजपेई को जनसंघ भेज दिया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी कोलकाता के एक धनाढ्य ब्राह्मण परिवार से थे। कश्मीर आंदोलन में वे नगर गिरफ्तार हो गए तब अटल बिहारी वाजपेई उनके साथ थे । संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई नगर अस्पताल में।
तब से जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी का नारा था कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है । क्योंकि जम्मू कश्मीर को भारतीय संविधान में विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त था उसके मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री और झंडा, पृथक था और यह सब उसे संविधान का अनुच्छेद 370 तहत हासिल था।जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 05 अगस्त 2019 को संसद में बिल पारित कर विलोपित कर दिया है। अटल बिहारी वाजपेई कहते थे कि बंगाल जितने का सपना अधूरा रहा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने 04 मई 2026 को बंगाल विधानसभा चुनाव जीतकर यह सपना भी पूरा कर दिया है। विगत दिवस भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर आयोजित बंगाल विजय सभा में पोस्टर था जहां जन्मे मुखर्जी वह बंगाल हमारा है भारतीय जनता पार्टी के पथम राष्ट्रीय महासचिव दीनदयाल उपाध्याय का सपना रहा कि अंग,बंग, और कलिंग में भारतीय जनता पार्टी की सरकार हो (अंग )बिहार( बंग)बंगाल ( कलिंग) ओडिशा आज सरकार है । अशोक सिंघल, लालकृष्ण आडवाणी का सपना था अयोध्या में भव्य रामलाला का मंदिर बने । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं और पूर्वजों के सपने साकार कर दिए।
उन्होंने अटलजी की एनडीए की परिकल्पना को साकार कर दिया और अब उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, असम उड़ीसा, नागालैंग, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश,गोवा, अंडमान निकोबार, दमन द्वीप, नगर हवेली, चंडीगढ़,में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है।
यह सब एक दिन नहीं हुआ बल्कि तीन पीढिय़ां खप गई।
1998 में अटल बिहारी वाजपेई जब प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने ममता बनर्जी को आगे कर तृणमूल कांग्रेस के साथ समझौता कर चुनाव लड़ा तत्कालीन समय में पश्चिमी बंगाल में सीपीएम, सीपीई, आरएसपी लेफ्ट की सरकार थी।जैसा कि वही समय बिहार से नीतीश कुमार को आगे कर समता पार्टी से समझौता किया उसी समय भाजपा की बीजेडी के साथ ओडिशा में भी सरकार थी। तत्कालीन समय में केंद्रीय प्रचारक प्यारेलाल खंडेलवाल ने नवीन पटनायक से समझोता किया था। लेकिन नीतीश कुमार के अलावा सभी प्रयोग बंगाल, ओडिशा में असफल हो गए। ममता बनर्जी ने 2001 का चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा ।2006 के विधानसभा चुनाव में सीपीएम, सीपीई क्रस्क्क,ने ज्योति बसु को संन्यास दिला दिया तत्कालीन समय में बासुदेव भट्टाचार्य मुख्यमंत्री बने।2011 में ममता बनर्जी ने लेफ्ट पार्टियों की सरकार उखाड़ दिया।2011से 2026 तक 15 वर्ष लगातार मुख्यमंत्री रही ममता बनर्जी।2021 के चुनावों बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 77 सीट जीती और 40 फीसदी वोट मिले।2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की तुड़मूल कांग्रेस को 206 सीट लाकर हरा दिया।
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