श्रीनगर गढ़वाल,10 मई (आरएनएस)। 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने हैं। इसके लिए 20 मई को ऋषिकेश से पहला जत्था शाम को श्रीनगर पहुंचेगा और 21 मई की सुबह गोविंदघाट के लिए रवाना होगा। हेमकुंड यात्रा के दौरान श्रीनगर गुरुद्वारा श्रद्धालुओं का केंद्र बन जाता है। मगर इस यात्रा सीजन में गैस सिलिंडरों की कमी ने गुरुद्वारा प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में गुरुद्वारे में अब लकड़ी और डीजल भट्टियों का सहारा लिया जा रहा है। श्रीनगर गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधक हरविंदर सिंह लक्की ने बताया कि यात्रा के लिए गुरुद्वारे में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सामान्य दिनों में गुरुद्वारे को हर महीने करीब 70 गैस सिलिंडर मिलते हैं लेकिन इस बार इंडियन गैस एजेंसी से केवल 10 से 12 सिलिंडर ही मिले हैं। ऐसे में लंगर की व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। लक्की ने बताया कि यात्रा सीजन में गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 800 से अधिक पहुंच जाती है जबकि जून और जुलाई में प्रतिदिन करीब 900 से 1000 यात्री श्रीनगर में रात्रि विश्राम करते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुद्वारे में लकड़ी की बड़ी भट्टी और दो डीजल की भट्टियां लगाई गई हैं जिन पर लंगर तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
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