कोलकाता,16 मई (आरएनएस)। वाममोर्चा के दौर से ही कोलकाता में अवैध दुकानों का होना कोई नई बात नहीं है। लेकिन पूर्व रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल सियालदह को आखिरकार हॉकर मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हो गई। शुक्रवार देर रात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने संयुक्त अभियान चलाकर सियालदह उत्तर और दक्षिण सेक्शन से लगभग 300 अवैध दुकानों को हटाया।
रेल सूत्रों के अनुसार, यह अभियान शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे शुरू हुआ और शनिवार तड़के लगभग तीन बजे तक चला। कार्रवाई के दौरान प्लेटफॉर्म और रेल परिसर के विभिन्न हिस्सों में वर्षों से जमे हॉकरों और अस्थायी दुकानों को खाली कराया गया। बताया गया है कि रेलवे प्रशासन ने पिछले सप्ताह ही हॉकरों को नोटिस जारी कर परिसर खाली करने का निर्देश दिया था। दो दिन पहले भी कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन हॉकरों के अनुरोध पर उन्हें कुछ अतिरिक्त समय दे दिया गया था। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात प्रशासन ने सख्त कदम उठाया। रेल अधिकारियों का कहना है कि अवैध कब्जों और संकरी हो चुकी आवाजाही के कारण आम यात्रियों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। भीड़भाड़ के चलते भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी लगातार जताई जा रही थी। पूर्व में आई कई रिपोर्टों में चेतावनी दी गई थी कि प्लेटफॉर्म और गलियारों में बढ़ती भीड़ किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रेलवे का दावा है कि इस अभियान के बाद यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी। हालांकि, दूसरी ओर इस कार्रवाई से सैकड़ों हॉकरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वर्षों से स्टेशन परिसर में दुकान लगाकर जीवनयापन कर रहे कई हॉकरों ने प्रशासन से पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। बहरहाल उक्त मांगों के लेकर रेलवें की ओर किसी तरह का कोई बयान इस खबर के लिखे जाने तक जारी नहीं किया गया था।
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